व्यवसाय से उन्नति करें, जीवन का उत्कर्ष साधें
राज्य के युवा-युवतियों में मौजूद अपार क्षमताओं को दिशा देने और उनके सपनों को साकार करने के लिए शासन लगातार प्रयासरत है। समाज के पिछड़े वर्ग, बेरोजगार युवा-युवतियों को व्यवसाय हेतु प्रोत्साहित कर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा रहा है तथा रोजगार के अवसर निर्मित किए जा रहे हैं।
युवाओं को रोजगार दिया जाए तो वे आगे औरों के लिए भी रोजगार सृजित करेंगे। इसी विचार से अण्णासाहेब पाटील आर्थिक मागास विकास महामंडल कार्यरत है। बेरोजगारी घटाने तथा उद्योग-व्यवसाय में युवाओं को अवसर देने हेतु इस महामंडल के माध्यम से विविध योजनाएँ चलाई जाती हैं।
अण्णासाहेब पाटील आर्थिक मागास विकास महामंडल
यह महाराष्ट्र शासन के अधीन एक महत्त्वपूर्ण महामंडल है। इसे विशेष रूप से मराठा समाज के आर्थिक रूप से दुर्बल वर्गों के युवाओं को वित्तीय सहायता देकर उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रारंभ किया गया था। इस महामंडल की स्थापना 27 नवंबर 1998 को बेरोजगारी घटाने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए की गई।
इस महामंडल के माध्यम से –
कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा,
अनुदान आधारित आर्थिक योजनाएँ,
प्रशिक्षण कार्यक्रम,
व्यवसाय मार्गदर्शन,
युवाओं के लिए व्यवसाय योजनाएँ
जैसी पहल की जाती है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य मराठा समाज के युवाओं को पूंजीगत सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसकी मदद से अनेक युवाओं ने अपने उद्योग शुरू किए हैं और ग्रामीण भागों में भी उद्यमिता का विकास हो रहा है।
अर्थसंकल्प में 750 करोड़ रुपये की तरतूद
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य शासन ने इस महामंडल की योजनाओं हेतु 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। प्रथम चरण में 300 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। नियोजन विभाग ने इस बाबत शासन निर्णय 15 जुलाई 2025 को जारी किया है।
महामंडल के माध्यम से वैयक्तिक ऋण ब्याज परतावा योजना (IR-I) और गट ऋण ब्याज परतावा योजना (IR-II) राबविली जाती हैं।
1. वैयक्तिक ऋण ब्याज परतावा योजना (IR-I)
राज्य के किसी भी बैंक से अधिकतम 15 लाख रुपये तक व्यवसाय/उद्योग हेतु लिया गया ऋण।
ऋण पर अधिकतम 7 वर्ष तक या 4.5 लाख रुपये तक ब्याज परतावा।
2 फरवरी 2018 से 29 अगस्त 2025 तक —
पात्रता प्रमाणपत्र (LOI) : 1,89,318
बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत लाभार्थी : 1,53,726
स्वीकृत ऋण राशि : 13,169.99 करोड़ रुपये
ब्याज परतावा प्राप्त लाभार्थी : 1,75,836
वितरित ब्याज परतावा राशि : 1,361.58 करोड़ रुपये
2. गट ऋण ब्याज परतावा योजना (IR-II)
न्यूनतम 2 व्यक्तियों से लेकर 5 या अधिक व्यक्तियों के समूह हेतु योजना।
ऋण सीमा :
2 व्यक्तियों के लिए 25 लाख रुपये तक
3 व्यक्तियों के लिए 35 लाख रुपये तक
4 व्यक्तियों के लिए 45 लाख रुपये तक
5 या अधिक व्यक्तियों के लिए 50 लाख रुपये तक
ब्याज परतावा : अधिकतम 5 वर्ष तक या ऋण अवधि तक, 12% ब्याज या 15 लाख रुपये की सीमा।
शर्त : समूह ने समय पर ऋण की किस्तें भरी हों।
FPO (शेतकरी उत्पादक कंपनियाँ) को भी यह लाभ लागू।
2 फरवरी 2018 से 29 अगस्त 2025 तक —
पात्रता प्रमाणपत्र (LOI) : 1,014
ऋण स्वीकृत समूह : 969
वितरित ऋण राशि : 361.87 करोड़ रुपये
ब्याज परतावा प्राप्त समूह : 589
वितरित ब्याज परतावा राशि : 34.03 करोड़ रुपये
3. गट प्रकल्प ऋण योजना (GL-I)
एफपीसी (Farmer Producer Company) समूहों को 10 लाख रुपये तक का बिनब्याजी ऋण।
वसूली अवधि : 7 वर्ष।
वर्तमान में यह योजना IR-II में सम्मिलित।
29 अगस्त 2025 तक कुल वितरित राशि : 1,398.96 करोड़ रुपये।
महामंडल की योजनाओं के लिए शर्तें
लाभार्थी महाराष्ट्र का निवासी होना अनिवार्य।
आयु सीमा : 18 से 60 वर्ष।
वार्षिक पारिवारिक आय : 8 लाख रुपये तक (तहसीलदार प्रमाणपत्र या आयकर रिटर्न द्वारा प्रमाणित)।
कर्ज केवल व्यवसाय/उद्योग हेतु होना चाहिए।
दिव्यांग व्यक्ति मानसिक रूप से सक्षम होना चाहिए।
गट ऋण ब्याज परतावा योजना (IR-II) हेतु भागीदारी संस्था, सहकारी संस्था, बचत गट, LLP, कंपनी एक्ट के अंतर्गत नोंदणीकृत संस्था और अन्य शासन मान्य समूह पात्र।
केवल व्यवसाय/उद्योग संबंधी कर्ज पर ही ब्याज परतावा।
योजनाओं का संचालन शासन निर्णय क्र. अपाम 2017/प्र.क्र.189/रोस्वरो-1, दिनांक 21 नवंबर 2017 अनुसार।
पात्रता प्रमाणपत्र (LOI) हेतु आवश्यक कागजात
1. आधार कार्ड (अपडेटेड मोबाइल नंबर व ई-मेल सहित)
2. निवास प्रमाण (निवास दाखिला/बिजली बिल/रेशन कार्ड/गैस बिल/बैंक बुक)
3. आय प्रमाण (आय दाखिला/आयकर रिटर्न; विवाहित होने पर पति-पत्नी दोनों का रिटर्न आवश्यक)
4. जाति प्रमाण, स्कूल छोड़ने का दाखिला/जनरल रजिस्टर उतारा नं.1
5. विवाहित महिलाओं के लिए पैन कार्ड/मैरेज सर्टिफिकेट/गजट
6. एक पेज का प्रकल्प अहवाल (वेब प्रणाली पर उपलब्ध)
7. स्वयं घोषणापत्र (वेब प्रणाली पर उपलब्ध)
(यदि आधार कार्ड और स्कूल छोड़ने के दाखिले में जन्मतिथि में अंतर हो तो आवश्यक)
👉 सभी दस्तावेज स्पष्ट और पढ़ने योग्य स्कैन प्रतियों में अपलोड करना अनिवार्य।
आवेदन प्रक्रिया
लाभार्थी को https://udyog.mahaswayam.gov.in पर नोंदणी करके ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
LOI प्राप्त होने के बाद प्रकल्प अहवाल सहित बैंक में कर्ज प्रकरण दाखिल करें।
कर्ज स्वीकृति पूरी तरह बैंक की प्रक्रिया अनुसार होगी, महामंडल हस्तक्षेप नहीं करेगा।
कर्ज स्वीकृति के बाद :
बैंक कर्ज स्वीकृति पत्र,
वितरित राशि का प्रमाण (बैंक स्टेटमेंट),
EMI शेड्यूल,
किस्त भरने का प्रमाण अपलोड करना आवश्यक।
समय पर EMI जमा करने पर ही ब्याज परतावा का लाभ मिलेगा।
क्लेम की जाँच महामंडल द्वारा कर, पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे राशि जमा होगी।
महत्त्वपूर्ण सूचना
महामंडल की सहायता केवल मुंबई मुख्यालय व जिलावार समन्वयक कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध है।
👉 किसी भी निजी व्यक्ति/संस्था के प्रलोभन में न आएँ।
मार्गदर्शन और भविष्य की दिशा
महामंडल की ओर से युवाओं और उद्यमियों को केवल पूंजीगत सहायता ही नहीं, बल्कि सर्वांगीण मार्गदर्शन और आवश्यक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है। इसके माध्यम से पिछले कुछ वर्षों में राज्य के हजारों युवाओं ने व्यवसाय, सेवा क्षेत्र, उत्पादन उद्योग, लघु व मध्यम उद्योग तथा कृषि-आधारित क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है।
इन युवाओं द्वारा स्थापित उद्योग-धंधों से केवल स्वयं का रोजगार नहीं बना, बल्कि अनेक अन्य लोगों को भी अवसर प्राप्त हुए हैं।
राज्य शासन की नीति अंतर्गत महामंडल द्वारा चलाई जाने वाली ये आर्थिक योजनाएँ केवल लाभार्थियों के हित के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के भविष्य की नींव रखने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम हैं। ग्रामीण और शहरी युवाओं को अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य इस माध्यम से हो रहा है।
ये योजनाएँ केवल आर्थिक मदद प्रदान करने वाली नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर महाराष्ट्र गढ़ने और मराठा समाज के घटकों को विकास की मुख्यधारा में लाने का एक प्रभावी साधन सिद्ध हो रही हैं।
शैलजा पाटील
विभागीय संपर्क अधिकारी
अण्णासाहेब पाटील आर्थिक मागास विकास महामंडल, महाराष्ट्र शासन
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