
सीतामढ़ी में सड़क हादसों का सिलसिला थमा नहीं – प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल
सीतामढ़ी | कुणाल किशोर, सीतामढ़ी
रीगा में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बोलोरो पिकअप की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शव को रीगा–मेजरगंज पथ पर रखकर सड़क जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते सख्त कदम उठाए जाते तो यह जान बच सकती थी।
दरअसल, यह कोई अकेली घटना नहीं है। सीतामढ़ी पिछले कुछ वर्षों से सड़क हादसों की त्रासदी झेल रहा है—
21 मई 2024 को सीतामढ़ी–बरियारपुर मार्ग पर ट्रक–टेंपो की टक्कर में तीन लोगों की जान गई और छह घायल हुए।
रीगा थाना क्षेत्र के रामनगरा गांव में हाइवा ट्रक ने बाइक सवार को कुचल दिया।
स्कॉर्पियो और पिकअप वैन की भिड़ंत में दो लोगों की मौत और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
लगातार होती इन घटनाओं से साफ है कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था महज़ कागज़ों में सीमित है। प्रशासन केवल आश्वासन देता है, लेकिन न तो सड़क पर सख्ती दिखती है और न ही भारी वाहनों पर नियंत्रण।
अब सवाल यह है कि कब तक सीतामढ़ी के लोग सड़कों पर यूँ ही जान गंवाते रहेंगे? और कब प्रशासन नींद से जागेगा?



