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जातीयता बढ़ाने वाली राजनीति, गणेश बिडकर पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद

जातीयता बढ़ाने वाली राजनीति, गणेश बिडकर पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद

एसी आरक्षण हटाने की कोई ताकत नहीं, राहुल डंबाळे की सक्रिय भूमिका

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महापालिका चुनाव मतपत्रिका के माध्यम से करवाएं

 

पुणे: भारत को दुनिया की सबसे बड़ी लोकतंत्र के रूप में जाना जाता है, इसलिए सभी चुनाव पारदर्शी तरीके से होने चाहिए। चुनाव प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों को देखते हुए आगामी महापालिका चुनाव ईवीएम मशीन के माध्यम से नहीं, बल्कि मतपत्रिका के माध्यम से कराने की मांग रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी के नेता राहुल डंबाळे ने राज्य निर्वाचन आयोग से की है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक सरकार द्वारा हाल ही में लिया गया निर्णय आदर्श के रूप में लिया जाना चाहिए और महाराष्ट्र में भी यह निर्णय तुरंत लागू किया जाना चाहिए।

 

राहुल डंबाळे ने पुणे शहर में चल रहे एसी आरक्षण विवाद पर भी स्पष्ट और सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा देश को दिए गए संविधान के अनुसार आरक्षण का पालन करना प्रत्येक सरकारी संस्था के लिए अनिवार्य है। इसी के तहत महापालिका चुनावों में प्रभागों में आरक्षण सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है।

 

हालांकि, महाविकास आघाड़ी के कुछ नेताओं द्वारा पुणे में दलित समाज में भ्रम पैदा कर जातीय विभाजन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, इसका उन्होंने कड़ा विरोध किया। विशेष रूप से प्रभाग क्रमांक 24 (कमला नेहरू हॉस्पिटल – रास्ता पेठ) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पूर्व सभागृह नेता गणेश बिडकर को बदनाम करने के लिए लक्ष्य बनाया जा रहा है।

 

डंबाळे ने कहा, “निर्वाचन के लिए राजनीतिक आरक्षण की तकनीकी संरचना निर्वाचन आयोग और उच्च न्यायालय तय करते हैं। किसी भी राजनीतिक पार्टी के दबाव से अनुसूचित जातियों का आरक्षण बदलना किसी के लिए भी संभव नहीं है। इसके बावजूद झूठे प्रचार के जरिए समाज में जातीय विभाजन फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी ने शहर के सभी प्रभागों में अन्यायपूर्ण आरक्षण प्रावधानों पर आपत्ति दर्ज की है और मुंबई उच्च न्यायालय में इस संबंध में याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।”

 

उन्होंने कहा कि 2017 के अपवाद को छोड़कर, पिछले पचास वर्षों में रास्ता पेठ – सोमवार पेठ प्रभाग में एससी आरक्षण लागू नहीं हुआ। इस क्षेत्र में रहने वाली अनुसूचित जातियों की आबादी दूसरे प्रभाग में शामिल हो जाने के कारण अब यह आरक्षण संबंधित प्रभाग में ही लागू है। बावजूद इसके तथ्य आधारित जांच किए बिना गणेश बिडकर पर आरोप लगाना जानबूझकर किया गया झूठ है। किसी भी नेता के खिलाफ झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाकर उन्हें खलनायक बनाने का प्रयास गंभीर अपराध है।

 

राहुल डंबाळे ने स्पष्ट किया कि ऐसे नीच राजनीति के प्रयासों का अनुसूचित जाति समाज और आंबेडकरी जनता कड़ा विरोध करेगी और कभी भी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

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