
मंत्री दत्तात्रय भरणे ने साखर उद्योग में शेतकऱ्यांच्या हितासाठी किया मार्गदर्शन
पुणे: राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि साखर कारखानों को शेतकऱ्यांच्या ऊसाला अधिकाधिक दर देने का प्रयास करना चाहिए। जो कारखाने किसानों को समय पर वेतन, बोनस और उचित ऊस दर देते हैं, उन्हें राज्य शासन का पूर्ण सहयोग मिलेगा।
मंत्री भरणे ने यह बात द डेक्कन शुगर टेक्नॉलॉजिस्ट असोसिएशन के 70वें वार्षिक अधिवेशन और साखर प्रदर्शन के उद्घाटन समारोह में कही। इस अवसर पर सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील, विधायक अभिजित पाटील, महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक विद्याधर अनास्कर, सहकार आयुक्त दीपक तावरे, यशद के अतिरिक्त महासंचालक डॉ. शेखर गायकवाड, विभिन्न साखर संघों के अध्यक्ष और अन्य मान्यवर उपस्थित थे।
मंत्री भरणे ने कहा कि साखर उद्योग में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए नवनवीन तकनीक अपनाना आवश्यक है। नए वाणों का विकास कर ऊस उत्पादन और साखरे का उतारा बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए। इससे सीधे शेतकऱ्यांना लाभ होगा।
अतिवृष्टि से हुए नुकसान की दिवाळी से पहले भरपाई राज्य में अतिवृष्टि से 66 लाख एकड़ क्षेत्र को नुकसान हुआ है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि पंचनामे प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिवाळी से पहले नुकसान की भरपाई की जाएगी।
साखर उद्योग में मार्गदर्शन
श्री भरणे ने द डेक्कन शुगर टेक्नॉलॉजिस्ट असोसिएशन के माध्यम से राज्य और अन्य राज्यों के ऊस उत्पादक शेतकऱ्यांना मार्गदर्शन प्रदान करने की सराहना की।
साखर उत्पादन के साथ उपउत्पाद निर्माण की आवश्यकता
सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने कहा कि साखर उद्योग केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पेट्रोल, विमान ईंधन जैसे उपउत्पाद बनाने की आवश्यकता है। साखर कारखानों को पारदर्शिता के साथ संचालन करना चाहिए और शेतकऱ्यांचे हित सुनिश्चित करना चाहिए।
कार्यक्रम में मंत्री भरणे और श्री पाटील ने साखर प्रदर्शन की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और नए तंत्रज्ञान और उत्पादन प्रक्रियाओं की जानकारी ली।
पुरस्कार वितरण: मंत्री भरणे ने साखर उद्योग में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कारखानों और मान्यवरों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर एस. बी. भड ने कार्यक्रम
का प्रास्ताविक किया।



