
पुणे : कर सलाहकारों को मूल्यवर्धित सेवाओं और रणनीतिक परामर्श पर ध्यान देने की आवश्यकता – धनंजय आखाड़े
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, 2 मई : “ऑटोमेशन के युग में कर सलाहकारों की भूमिका केवल रिटर्न फाइलिंग तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक समय में उन्हें मूल्यवर्धित सेवाओं और रणनीतिक परामर्श की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है,” ऐसा प्रतिपादन राज्य वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग के पूर्व अतिरिक्त आयुक्त धनंजय आखाड़े ने किया।
वे महाराष्ट्र टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (MTPA) के 46वें वर्धापनदिन समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। शिवाजी रोड स्थित MTPA सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में वर्धापनदिन समिति के अध्यक्ष एड. नरेंद्र सोनावणे, MTPA अध्यक्ष एड. अनुरुद्र चव्हाण, GST प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र के प्रमुख एड. पार्थ बधेका तथा वरिष्ठ कर सलाहकार एड. अशोक संघवी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
धनंजय आखाड़े ने आगे कहा कि तकनीक के तेजी से विकास के कारण कर क्षेत्र में नई चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। केवल कानून का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्यायालयीन निर्णयों, विश्लेषण की नई पद्धतियों और प्रशासनिक बदलावों की समझ भी आवश्यक है। ई-फाइलिंग से पारदर्शिता बढ़ी है और प्रणाली अधिक ऑटोमेटेड हुई है। GST अपीलीय ट्रिब्यूनल (GSTAT) की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है, इसलिए कर सलाहकारों को अपनी भूमिका को और अधिक सक्षम एवं परामर्शदाता के रूप में विकसित करना चाहिए।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित किया गया। नवनीतलाल बोरा, मनोज चितलीकर, विनोद राहते को ‘MTPA कोहिनूर’, CA ईशान पाटकर को ‘MTPA GST आइकॉन’, CMA श्रीपाद बेदरकर व CMA हर्षद देशपांडे को ‘स्पेशल अचीवमेंट’, नंदकुमार निऱ्हाली, CA सचिन गांधी, एड. विनोद म्हस्के को ‘बेस्ट फ्रेंड’, एड. निखिल देशमुख व CA सारिश हेंद्रे को ‘राइजिंग स्टार’, तथा अन्य कई सदस्यों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
एड. नरेंद्र सोनावणे ने कहा कि MTPA का वर्धापनदिन केवल वर्षगांठ नहीं बल्कि एकजुटता और पारिवारिक भावना का उत्सव है। हम सभी आर्थिक विकास के मौन शिल्पकार हैं, इस भावना से कार्य करना चाहिए।
एड. अनुरुद्र चव्हाण ने बताया कि संगठन की सदस्य संख्या 2600 से अधिक हो चुकी है, जिसमें CA, वकील, कर सलाहकार और CMA शामिल हैं।
एड. पार्थ बधेका ने कहा कि संस्थागत निर्णय सामूहिक होते हैं और उनमें समय के साथ लचीलापन जरूरी है।
एड. अशोक संघवी ने कहा कि करदाताओं और कानून के बीच सेतु के रूप में कर सलाहकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम का संचालन एड. प्रणव सेठ ने किया तथा आभार प्रदर्शन एड. ज्ञानेश्वर नरवडे ने किया।



