पूणे

ह्युंडाई मोटर इंडिया फाउंडेशन ने मनाया पुणे के ‘ आयओनिक फॉरेस्ट’ में 5 लाख वृक्षारोपण का महत्त्वपूर्ण पड़ाव

ह्युंडाई मोटर इंडिया फाउंडेशन ने मनाया पुणे के ‘ आयओनिक फॉरेस्ट’ में 5 लाख वृक्षारोपण का महत्त्वपूर्ण पड़ाव

 

पुणे विशाल समाचार– ह्युंडाई मोटर इंडिया फाऊंडेशन (एचएमआयएफ) यह ह्युंडाई मोटर इंडिया लिमिटेड के सीएसआर शाखा ने आज ‘ह्युंडाई आयओनिक फॉरेस्‍ट’ (IONIQ Forest) उपक्रम के अंतर्गत 5 लाख पेड़ों के सफल वृक्षारोपण की घोषणा की है. यह महत्त्वपूर्ण पड़ाव आगामी वर्ष में डांगे चौक, पिंपरी-चिंचवड़ में 90.5 एकर भूमि पर 10 लाख (1 मिलियन) पेड़ लगाने के परियोजना के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यह महाराष्ट्र राज्य में सबसे बड़ा शहरी वृक्षारोपण बन जाएगा.

 

मावळ मतदारसंघ के आमदार श्री सुनील शेळके, श्री. विश्वजीत श्रीरंग बारणे, पशुसंवर्धन विभाग – ताथवडे, पुणे सहाय्यक आयुक्‍त डॉ. रतिकांत नवटाके इनकी सन्माननिय उपस्थिति थी. इस दौरान श्री. जेओंगिक ली, फंक्शन हेड – कॉर्पोरेट अफेअर्स,एचएमआयएल, श्री. श्यामकुमार सिंग, फंक्शन लीड – प्रोडक्शन (पुणे) एचएमआयएल, श्री. पुनीत आनंद, एव्हीपी अँड व्हर्टिकल हेड – कॉर्पोरेट अफेअर्स, कॉर्पोरेट कम्‍युनिकेशन्‍स अँड सोशल एचएमआयएल, इसके साथ एचएमआयएल व ओरिअर्थ नेचर फाउंडेशन के प्रतिनिधी भी उपस्थित थे.

 

5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘मियावाकी’ पद्धति का उपयोग करते हुए 1,000 वृक्षारोपण के साथ आयओनिक फॉरेस्‍ट उपक्रम की शुरुआत की गई. ‘मियावाकी’ पद्धति घने, तेजी से बढ़ने वाले और जैव विविधता वाले वन बनाने के लिए जानी जाती है. इस प्रकल्प में 41 स्थानिक वृक्ष प्रजातियों का उपयोग किया गया है, जिससे पर्यावरणीय शाश्वतता सुनिश्चित होती है तथा पक्षियों, कीटक और अन्य जानवरों के लिए प्राकृतिक आवास बनाकर जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है.

यह उपक्रम लोकसहभाग से जुड़ा है, जिसमे शाश्वत पर्यावरणीय पद्धतींओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे नागरिकों और पर्यावरण दोनों को लाभ होगा. ऐसा अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में यह जंगल लगभग 63,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड शोषित करेगा, जिसका पर्यावरणीय स्थिरता और समावेशी विकास पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा. इस प्रकल्प ने आदिवासी समुदायों के 100 से अधिक परिवारों को हरित रोजगार प्रदान किया है, साथ ही रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और चेक डैम के माध्यम से इकोसिस्टीम पुनर्स्थापन, शाश्वत भूमि व्यवस्थापन और जलसंवर्धन को बढ़ावा दिया है.

 

एक बार यह पहल पूरी हो जाने पर, यह जंगल स्थानीय स्कूलों और नागरिकों के लिए शैक्षणिक दौरा, पर्यावरण जागरूकता और कौशल विकास गतिविधियों के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे भावी पीढ़ियों के लिए शाश्वतता की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

 

यह उपक्रम ह्युंडाई मोटर इंडिया फाउंडेशन की महाराष्ट्र के प्रति व्यापक वचनबद्धता का हिस्सा है, जिसमें 56 करोड़ रुपये का सीएसआर निवेश राज्य के विकास लक्ष्यों के अनुरूप है और पर्यावरण, स्वास्थ्य सेवा, सड़क सुरक्षा और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्रों में परियोजनाओं का समर्थन करता है.

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