
‘क्रिएटिव्ह इंजन एक्सपो 2026’ में दिखेगी भारत की ऑरेंज इकॉनॉमी की ताकत
30 और 31 मई को पुणे के गणेश कला क्रीड़ा मंच में होगा आयोजन, देश-विदेश की बड़ी कंपनियां लेंगी हिस्सा
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे। बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में अब पारंपरिक उद्योगों के साथ रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति और डिजिटल कौशल को भी तेजी से महत्व मिल रहा है। इसी दिशा में भारत की उभरती ‘ऑरेंज इकॉनॉमी’ या ‘क्रिएटिव इकॉनॉमी’ को केंद्र में रखकर 30 और 31 मई को पुणे के गणेश कला क्रीड़ा मंच में ‘क्रिएटिव्ह इंजन एक्सपो 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इसकी जानकारी मुख्य आयोजक और सृजन कॉलेज ऑफ डिजाइन के संस्थापक संतोष रासकर ने पत्रकार परिषद में दी।
पुणे श्रमिक पत्रकार भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में IICT के निदेशक आशीष कुलकर्णी, शारदा बिजनेस सोल्यूशन प्रा. लि. के डायरेक्टर प्रशांत महाडिक, अरेना के डायरेक्टर निखिल हल्ली और मोशन पिक्चर्स स्कूल की डायरेक्टर विनीता बच्छानी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
संतोष रासकर ने बताया कि यह एक्सपो केवल कला, एनीमेशन और तकनीक का प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि भारत की तेजी से बढ़ती क्रिएटिव इकॉनॉमी की झलक भी पेश करेगा। उन्होंने कहा कि एनीमेशन, गेमिंग, VFX, डिजिटल डिजाइन, वर्चुअल रियलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित क्रिएटिव सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्रों में दुनिया भर में भारी आर्थिक गतिविधियां हो रही हैं, जिससे भारत जैसे देश के लिए बड़े अवसर पैदा हुए हैं।
IICT के निदेशक आशीष कुलकर्णी ने बताया कि केंद्र सरकार भी डिजिटल आर्ट और क्रिएटिव इंडस्ट्री को देश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को वैश्विक क्रिएटिव इकॉनॉमी का केंद्र बनाने का विजन रखा है और इसके लिए विभिन्न नीतिगत कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित ‘पुणे-मुंबई AVGC-XR कॉरिडोर’ इस क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है। Animation, Visual Effects, Gaming, Comics और Extended Reality जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने वाला यह कॉरिडोर पुणे और मुंबई को रचनात्मक उद्योगों का नया केंद्र बनाएगा। शिक्षा, संस्कृति और तकनीक के मजबूत आधार के कारण पुणे को देश की ‘क्रिएटिव कैपिटल’ बनने का अवसर मिलेगा।
एक्सपो में देश-विदेश की करीब 35 नामी कंपनियां और स्टूडियो हिस्सा लेंगे। इनमें असेंबलाज स्टूडियो, रिलायंस एनीमेशन, रेड चिलीज VFX, एनविजन स्टूडियो, कंपनी 3, NY VFXWala, निली गेम्स, गेमडोरा, रैम्पन्ट स्टूडियो, हाइटेक, WRC और विजडम ग्राफिक्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां एंटरटेनमेंट के अलावा सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ई-कॉमर्स, मेडिकल 3D सिम्युलेशन, डिजिटल मार्केटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में भी कार्यरत हैं।
भारत इतिहास संशोधक मंडल के अध्यक्ष और पूर्व सांसद प्रदीप रावत ने कहा कि ऑरेंज इकॉनॉमी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बड़े निवेश या भारी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होती। एक कंप्यूटर, इंटरनेट और रचनात्मक सोच के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी वैश्विक स्तर पर काम कर सकते हैं। इससे महिलाओं, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
संतोष रासकर ने कहा कि आज ऑनलाइन शिक्षा, मोबाइल ऐप्स, गेमिंग, वर्चुअल टूर, डिजिटल विज्ञापन, सोशल मीडिया कंटेंट और OTT प्लेटफॉर्म आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। Uber, Swiggy और Zomato जैसी सेवाएं भी इसी नई डिजिटल अर्थव्यवस्था के उदाहरण हैं।
आयोजकों ने बताया कि यह एक्सपो लोगों को भविष्य की डिजिटल और रचनात्मक दुनिया का प्रत्यक्ष अनुभव देगा। कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क रखा गया है। नागरिकों, विद्यार्थियों, उद्यमियों, कलाकारों, डिजाइनर्स और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।



