
30 मई को आयोजित होगा एकदिवसीय रमाई साहित्य सम्मेलन
सम्मेलन की अध्यक्ष होंगी विद्रोही कवयित्री रमणी सोनवणे
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे : महामाता रमाई भीमराव आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक की ओर से महामाता रमाई भीमराव आंबेडकर की 91वीं पुण्यतिथि तथा स्मारक के 8वें स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार, 30 मई 2026 को एकदिवसीय ‘रमाई साहित्य सम्मेलन’ का आयोजन किया गया है। सम्मेलन की अध्यक्ष के रूप में विद्रोही कवयित्री, लेखिका, व्याख्याता और अभिनेत्री प्रा. रमणी सोनवणे का चयन किया गया है। इसकी जानकारी सम्मेलन के मुख्य समन्वयक विठ्ठल गायकवाड ने पत्रकार परिषद में दी।
इस अवसर पर एडवोकेट नितीन घोडके, एडवोकेट क्षितिज खरात, संजोग कांबळे, पूर्व नगरसेविका लताताई राजगुरु, श्रीमंत कोतले सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
विठ्ठल गायकवाड ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और महामाता रमाई आंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित कर की जाएगी। इसके बाद सर्वधर्म प्रतिनिधियों की उपस्थिति में उद्घाटन समारोह आयोजित होगा।
सुबह के सत्र में ‘मैं राजगृह की रमाई बोल रही हूं’ नामक एकल अभिनय कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका मंचन प्रा. रमणी सोनवणे करेंगी। दोपहर के सत्र में ‘रमाई और भीमराव के बच्चों का कवि सम्मेलन’ आयोजित होगा, जिसमें लोककवि भगवान धेंडे सहित अन्य कवि भाग लेंगे।
शाम के सत्र में साहित्य सम्मेलन की अध्यक्ष प्रा. रमणी सोनवणे का अध्यक्षीय भाषण, प्रस्ताव वाचन, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों का सम्मान तथा ‘आम्ही भारताचे लोक आंबेडकरी सांस्कृतिक चळवळ’ की ओर से कविता, गजल और गीत-संगीत का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं स्वरांजली संगीत समूह द्वारा विशेष संगीत संध्या भी प्रस्तुत की जाएगी।
प्रा. रमणी सोनवणे विद्रोही कवयित्री, लेखिका, व्याख्याता, अभिनेत्री और समतावादी आंदोलन की सक्रिय कार्यकर्ता हैं। उन्होंने एम.ए. और नेट (राजनीति विज्ञान) की शिक्षा प्राप्त की है तथा वर्तमान में मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में कार्यरत हैं।
वे 16 वर्ष की आयु से अभिनय, लेखन और कविताओं के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का कार्य कर रही हैं। ‘सावित्रीबाई फुले’, ‘हां, मैं राजगृह की रमाई बोल रही हूं’ और ‘मैं आपकी राजमाता जिजाऊ’ जैसे एकल अभिनय कार्यक्रमों के जरिए वे समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। साथ ही गरीब विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करती हैं।



