स्वास्थ्यपूणे

मधुमेह व्यवस्थापन में वैयक्तिकृत दृष्टीकोन महत्त्वपूर्ण : विशेषज्ञ

मधुमेह व्यवस्थापन में वैयक्तिकृत दृष्टीकोन महत्त्वपूर्ण : विशेषज्ञ

 

पुणे, : मधुमेह व्यवस्थापन में दवा के साथ आहार और व्यायाम के बारें में भी वैयक्तिकृत दृष्टीकोन महत्त्वपूर्ण है, ऐसा मत नोबल हॉस्पिटल के सेंटर ऑफ एक्सलन्स फॉर डायबेटिस ॲन्ड ओबेसिटी विभाग की संचालिका डॉ.रीमा काशिवा इन्होंने व्यक्त किया.

 

अधिकाधिक युवा लोग टाईप 2 मधुमेह से पीडित हो रहे हैं, इसलिए इसका योग्य व्यवस्थापन नहीं किया तो दीर्घकालीन जटिलताओं का खतरा बढ सकता है. डॉ.काशिवा ने कहा की, सबसे जरूरी बात यह है कि, मधुमेह का जल्द निदान करना और तुरंत उसका व्यवस्थापन शुरू करना. उदा.अगर किसी का एचबीए1सी स्तर 6.5 सेे 7.5 बीच है और बीएमआय 35 है, तो उसे कम करने का यही सही समय है और इसके लिए विशेषज्ञों की सलाह से योग्य व्यवस्थापन शुरू करना जरूरी है.

 

हमारा आहार और व्यायाम कैसा है,इन जैसी साधारण चीजों पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है. कभी कभी एक ही प्रकार का व्यायाम उपयुक्त नहीं होता, इसलिए उसमें कुछ बदलाव जरूरी होते है. वजन यह मधुमेह की जोखिम बढानेवाले सबसे महत्त्वपूर्ण घटकों में से एक है.आजकल बच्चे,किशोर व युवा वयस्कों में टाईप 2 मधुमेह के लिए वजन यह एक बडी जोखीम है. अन्य जोखीमकारक घटकों में काम सें संबंधित आनेवाला तनाव, बच्चों मेें कामगिरी का तनाव आदी शामील है और स्कुलों में इस बारें में जागरूकता निर्माण होनी चाहिए. इन जोखीमकारक घटकों में बढता स्क्रीन टाईम, बाहर खेलने में कमी और कम होती जा रही एकदुजे के साथ की प्रत्यक्ष भेट की घटती संख्या इनका समावेश है.

 

टेलिमेडिसिन ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमेह मरीजों की मदद कर सकता है

 

मधुमेह न केवल शहरी क्षेत्रों में बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ रहा है. कोविड काल में व्यापक रूप से इस्तेमाल की गई टेलिमेडिसिन इसमें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.प्राथमिक स्वास्थ केंद्रों में डॉक्टरों को योग्य जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान करना और ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमेहींयों को एकत्रित रूप से समुपदेशन यह टेलिमेडिसिन के माध्यम से प्रदान की जा सकती है. मधुमेह के लिए जोखीमकारकों में घटक,लक्षणे और मधुमेह के अन्य पहलुओं के बारें में जानकारी प्रदान की जा सकती है. जरूरत पडने पर उन्हें टर्शरी केअर युनिटस में उपचार के लिए हम भेज सकते है.

 

डॉ.रीमा काशिवा ने कहा की, इस वर्ष की संकल्पना डायबेटिस ॲन्ड वेलबिंग है,जो न केवल शारीरिक स्वास्थ बल्कि मानसिक,सामाजिक व आर्थिक स्वास्थ के महत्त्व को अधोरेखित करती है. मेरी राय में, पिछले कई वर्षों में यह सबसे सर्वोत्कृष्ट संकल्पना है.

 

 

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