
१० से १४ दिसंबर के बीच संपन्न होगा ७१वां ‘सवाई गंधर्व भीमसेन महोत्सव’
महोत्सव में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों के नामों की घोषणा — इस वर्ष आधे से अधिक कलाकार पहली बार करेंगे प्रस्तुति
पुणे डीएस तोमर: । आर्य संगीत प्रसारक मंडल द्वारा प्रति वर्ष आयोजित किए जाने वाले प्रतिष्ठित सवाई गंधर्व भीमसेन महोत्सव का 71वां संस्करण इस वर्ष बुधवार 10 दिसंबर से रविवार 14 दिसंबर के बीच मुकुंदनगर स्थित महाराष्ट्रीय मंडल क्रीड़ासंकुल में संपन्न होगा। महोत्सव में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों की सूची की घोषणा आज आयोजित पत्रकार सम्मेलन में आर्य संगीत प्रसारक मंडल के कार्याध्यक्ष श्रीनिवास जोशी ने की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कुल कलाकारों में आधे से अधिक कलाकार पहली बार इस मंच पर प्रस्तुति देंगे, जिससे नवोदित तथा युवा प्रतिभाओं को सशक्त मंच प्रदान करने का उद्देश्य साकार हो सकेगा।
पत्रकार सम्मेलन में मंडल की न्यास सदस्य शिल्पा जोशी, शुभदा मूलगुंद, डॉ. प्रभाकर देशपांडे और आनंद भाटे भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रीनिवास जोशी ने कहा कि भारत रत्न पं. भीमसेन जोशी द्वारा अपने गुरू सवाई गंधर्व की स्मृति में प्रारंभ किए गए इस महोत्सव ने अब तक देश–विदेश के अनगिनत दिग्गज कलाकारों को मंच दिया है, जहाँ रसिक श्रोताओं का अद्वितीय प्रेम सदैव प्राप्त होता आया है।
कार्यक्रम का विस्तृत दिनवार विवरण
पहला दिन — बुधवार, 10 दिसंबर | दोपहर 3 बजे – रात 10 बजे
शुरुआत होगी लोकेश आनंद के शहनाई वादन से।
इसके बाद डॉ. चेतना पाठक, मिश्रा बंधु (रितेश–रजनीश मिश्रा) का सहगान,
तत्पश्चात पं. शुभेंद्र राव एवं विदुषी सास्किया राव–दे–हास द्वारा सतार–चेलो सहवादन।
पहले दिन का समापन पं. उल्हास कशाळकर के गायन से होगा।
दूसरा दिन — गुरुवार, 11 दिसंबर | शाम 4 बजे – रात 10 बजे प्रारंभ हृषिकेश बडवे के गायन से।
इसके पश्चात इंद्रायुध मजुमदार (सरोद), विदुषी पद्मा देशपांडे का गायन।
दिवस का समापन सैक्सोफोनवादक जॉर्ज ब्रूक्स व पं. कृष्णमोहन भट (सतार) के अभूतपूर्व सहवादन से होगा।
तीसरा दिन — शुक्रवार, 12 दिसंबर | शाम 4 बजे – रात 10 बजे
आरोहण होगा सत्येंद्र सोलंकी के संतूर वादन से।
इसके बाद श्रीनिवास जोशी, उस्ताद शुजात हुसैन खान का सतार वादन।
समापन विदुषी डॉ. अश्विनी भिडे देशपांडे के गायन से।
चौथा दिन — शनिवार, 13 दिसंबर | दोपहर 3 बजे – रात 12 बजे
आरंभ सिद्धार्थ बेलमण्णु के गायन से।
इसके बाद अनुराधा कुबेर, पं. रूपक कुलकर्णी (बांसुरी) व डॉ. भरत बलवल्ली का गायन।
तत्पश्चात विदुषी कला रामनाथ (वायलिन) एवं विदुषी जयंती कुमरेश (विचित्र वीणा) का सहवादन।
चौथे दिन का समापन प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना मेघरंजनी मेधी की प्रस्तुति से होगा।
पांचवां दिन — रविवार, 14 दिसंबर | दोपहर 12 बजे – रात 10 बजे प्रारंभ पं. उपेंद्र भट के गायन से।
इसके आगे श्रुति विश्वकर्मा मराठे, अनिरुद्ध ऐताळ, सावनी शेंडे का गायन।
इसके पश्चात अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ. एल. शंकर का वायलिन वादन।
विराम के पश्चात पद्मश्री पं. व्यंकटेश कुमार का गायन।
महोत्सव का भव्य समापन किराना घराने के कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति “अर्घ्य” से होगा, जिसमें
पं. उपेंद्र भट, श्रीनिवास जोशी, आनंद भाटे और विराज जोशी सहभागी होंगे।
महोत्सव में पहली बार प्रस्तुति देने वाले कलाकार
लोकेश आनंद, डॉ. चेतना पाठक, पं. शुभेंद्र राव, सास्किया राव–दे–हास, हृषिकेश बडवे, इंद्रायुध मजुमदार, जॉर्ज ब्रूक्स, पं. कृष्णमोहन भट, सत्येंद्र सोलंकी, सिद्धार्थ बेलमण्णु, अनुराधा कुबेर, पं. रूपक कुलकर्णी, डॉ. भरत बलवल्ली, मेघरंजनी मेधी, श्रुति मराठे, अनिरुद्ध ऐताळ और डॉ. एल. शंकर
टिकट व्यवस्था
महोत्सव की टिकट बिक्री सोमवार, 1 दिसंबर से प्रारंभ होगी।
टिकट उपलब्ध स्थान :
▪ शिरीष ट्रेडर्स — कमला नेहरू पार्क, एरंडवणे
▪ बेहरे आंबेवाले — शनिवार पेठ
▪ अभिरुची फूड्स — सहकारनगर
▪ देसाई बंधू आंबेवाले — कर्वे नगर
टिकट दरें :
• चेयर सीट — ₹5000 एवं ₹3000 (पूरे महोत्सव हेतु)
• भारतीय बैठकी — ₹500
• छात्रों के लिए भारतीय बैठकी
टिकट — ₹250 (रियायती दर)
टिकट ऑनलाइन भी उपलब्ध : ticketkhidakee.com

