
विश्व डूबने से बचाव दिवस पर वॉटरवर्ल्ड इंडिया का जागरूकता अभियान, 150 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 25 जुलाई को मनाए जाने वाले विश्व डूबने से बचाव दिवस के अवसर पर वॉटरवर्ल्ड इंडिया ने 24 से 26 जुलाई तक पुणे में तीन दिवसीय डूबने से बचाव जागरूकता अभियान आयोजित किया। अभियान का उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों और आम नागरिकों को जल सुरक्षा तथा डूबने की घटनाओं की रोकथाम के प्रति जागरूक करना था।
यह अभियान वॉटरवर्ल्ड एक्वाटिक क्लब (खराड़ी), वॉटरवर्ल्ड स्विम स्कूल (वडगांव शेरी) और वॉटरवर्ल्ड ट्रेनिंग सेंटर (घोरपड़ी) में आयोजित किया गया। तीन दिनों तक चले कार्यक्रम में 150 से अधिक लोगों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को तैराकी, जल में जीवित रहने की तकनीक, जलाशयों के खतरों की पहचान, सुरक्षित व्यवहार और आपातकालीन स्थिति में बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
वॉटरवर्ल्ड इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय कुमार साह ने कहा कि डूबना आकस्मिक मृत्यु के प्रमुख लेकिन रोके जा सकने वाले कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि तैराकी का ज्ञान, जल सुरक्षा के प्रति जागरूकता और समय पर सही कार्रवाई से ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
अभियान के दौरान बच्चों के लिए तैराकी और जल में सुरक्षित रहने के व्यावहारिक प्रदर्शन भी आयोजित किए गए। साथ ही अभिभावकों से बच्चों को कम उम्र से ही तैराकी का प्रशिक्षण दिलाने और जल सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया।
संस्था ने बताया कि वह महाराष्ट्र में पेशेवर तैराकी प्रशिक्षण, लाइफ सेविंग शिक्षा, सीपीआर जागरूकता और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से जल सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अभियान को प्रतिभागियों और अभिभावकों का उत्साहपूर्ण सहयोग मिला, जिससे जल सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश मजबूत हुआ।

