
स्कूली छात्रों में सामाजिक सद्भाव, परस्पर सम्मान और मानवता के मूल्य विकसित करने वाले ‘सलोखा’ उपक्रम को उत्साहपूर्ण प्रतिसाद
पुणे, विशाल समाचार: स्कूली विद्यार्थियों में सामाजिक सौहार्द, परस्पर आदर और मानवता जैसे मौलिक संस्कार विकसित करने के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ पुणे–लोकमान्यनगर द्वारा आयोजित ‘सलोखा’ नामक विशेष उपक्रम को विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला।
इस पहल के तहत विभिन्न स्कूलों के अलग-अलग धर्मों से जुड़े छात्रों ने मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे का दौरा किया तथा इन धर्मस्थलों की परंपराएँ, मान्यताएँ और मूलभूत मूल्य समझे। इस अनुभव से बच्चों में विविधता के प्रति सम्मान बढ़ा और “एकता का संदेश” प्रभावी रूप से पहुंचा।
रोटरी क्लब ऑफ पुणे–लोकमान्यनगर के डॉ. सिद्धार्थ मेहता ने बताया,
“सलोखा कार्यक्रम को मिली प्रतिक्रिया बेहद प्रेरणादायक है। शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने इसे दिल से सराहा है। कई लोगों ने कहा कि ऐसे उपक्रम बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इस पहल से छात्रों में सौहार्द, सहिष्णुता और एकजुटता की भावना और मजबूत हुई है।”
कार्यक्रम की सफलता पर क्लब के अध्यक्ष ऋषिकेश बागड़े ने सभी सहभागी विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए आगे भी ऐसे सार्थक उपक्रमों की श्रृंखला चलाने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अभिनव योजना के सूत्रधार महेश घोरपड़े ने बताया कि कच्ची उम्र में यदि बच्चों को दूसरे धर्म का सम्मान करना सिखाया जाए, तो उनके व्यवहार और दृष्टिकोण में भविष्य में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष इस उपक्रम को केवल कुछ छात्रों तक सीमित न रखकर संपूर्ण स्कूल के लिए आयोजित करने की
योजना है।


