पूणेमनोरंजनमहाराष्ट्र

आदिवासी कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए वारली पेंटिंग कार्यशाला आयोजित

आदिवासी कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए वारली पेंटिंग कार्यशाला आयोजित

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, । आदिवासी समाज की वारली जनजाति की चित्रकला अपनी विशिष्टता, आकर्षक शैली और अनूठी पहचान के लिए जानी जाती है। वारली पेंटिंग ने देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। इसी पारंपरिक कला को बढ़ावा देने और आदिवासी कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था, पुणे द्वारा 21 मई 2026 तक वारली चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

 

यह कार्यशाला यश रीजेंसी, 412-सी, के. एम. मुंशी रोड, लक्ष्मी सोसायटी, मॉडल कॉलोनी, शिवाजीनगर, पुणे में आयोजित की जा रही है।

 

कार्यशाला में पालघर जिले के डहाणू, तलासरी, पालघर तालुका तथा अहिल्यानगर जिले के अकोले तालुका के अनुसूचित जनजाति वर्ग के वारली चित्रकार भाग ले रहे हैं।

 

आयोजकों के अनुसार यह कार्यशाला केवल चित्रकारों और कलाकारों को प्रोत्साहन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमियों, व्यापारियों और कला क्षेत्र के निवेशकों के लिए भी उपयोगी साबित होगी। व्यवसाय और उद्योगों की ब्रांडिंग में वारली चित्रकला का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।

 

आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था, पुणे की आयुक्त मंजिरी मनोलकर ने उद्यमियों, व्यापारियों और कला प्रेमियों से कार्यशाला का दौरा कर आदिवासी कला को प्रोत्साहन देने की अपील की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button