
योगी सरकार प्रदेश में औद्यानिक विकास को दे रही नई गति
3 दिसम्बर को भव्य ‘औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी’, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह करेंगे अध्यक्षता
लखनऊ, विशाल समाचार संवाददाता
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और औद्यानिक विकास को नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में 3 दिसम्बर 2025 को पूर्वाह्न 10 बजे से गोरखपुर के योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में गोरखपुर एवं बस्ती मंडल की संयुक्त औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम उद्यान विभाग के स्वर्णिम 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों, बागवानों, घरेलू निर्यातकों एवं कृषि उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों, राज्य सरकार की योजनाओं और वैश्विक बाजार की संभावनाओं से अवगत कराना है। मंत्री सिंह ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में औद्यानिक खेती को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ।
कार्यक्रम में विशेष रूप से तीन प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। पहला विषय ‘रूफ टॉप गार्डनिंग’ है, जिसके अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में छतों पर फल-सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने, शहरों में हरियाली बढ़ाने और लोगों को ताजी सब्जियां घर पर ही उपलब्ध कराने के उपायों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ शहरवासियों को गमलों में पौधों के उत्पादन की तकनीक, पोषक तत्व प्रबंधन तथा पर्यावरणीय लाभों के बारे में जानकारी देंगे।
दूसरा प्रमुख विषय कम क्षेत्रफल में अधिक मूल्य वाली औद्यानिक फसलें है। सीमांत और छोटे किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। विषय विशेषज्ञ किसानों को औषधीय पौधों, मसालों, फूलों और उच्च मूल्य वाली अन्य फसलों की तकनीकी खेती और बाजार उपलब्धता के बारे में मार्गदर्शन करेंगे।
तीसरा विषय घरेलू निर्यातकों को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने हेतु कार्यक्रम में निर्यात बढ़ाने की रणनीति, पैकेजिंग सुधार, गुणवत्ता मानकों और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँच पर चर्चा की जाएगी।
मंत्री सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्यानिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। योगी सरकार किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और बेहतर बाजार से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह गोष्ठी प्रदेश के औद्यानिक क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है।
कार्यक्रम में उद्यान एवं मंडी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, FPO प्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान और घरेलू निर्यातक बड़ी संख्या में प्रतिभाग करेंगे।



