
वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए शोध व इनोवेशन जरूरी : ब्रिगेडियर सचिन कालिया
‘आयस्क्वेअरआईटी’ में ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन–2025’ का समापन
पुणे : देश में रक्षा क्षेत्र, कृषि, सतत विकास, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में वास्तविक समस्याएँ मौजूद हैं। इन समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान हेतु शोध, नवाचार और स्टार्टअप विकसित करना आवश्यक है। विद्यार्थियों ने इनोवेशन के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान द्यावे, असे मत ब्रिगेडियर सचिन कालिया यांनी मंगळवारी व्यक्त केले. संवाद, टीमवर्क आणि कृत्रिम बुद्धिमत्तेचा योग्य उपयोग अत्यंत महत्त्वाचा असल्याचेही त्यांनी नमूद केले.
केंद्रीय शिक्षण मंत्रालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) तथा इनोवेशन सेल के संयुक्त उपक्रमाने आयोजित स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 (सॉफ्टवेयर एडिशन) की महाअंतिम फेरी हिंजवडी स्थित होप फाउंडेशन अँड रिसर्च सेंटर संचालित इंटरनॅशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी (I²IT) येथे उत्साहात संपन्न झाली. यावेळी सचिन कालिया प्रमुख पाहुणे म्हणून बोलत होते।
मोहिनी छाब्रिया कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रमात नीलसॉफ्ट कंपनी के संचालक शशांक पाटकर, AICTE के विभागीय अधिकारी लेफ्टनंट कमांडर अखिल शर्मा, नोडल अधिकारी मयूर बोरकर, तेजस सोमय्या, I²IT की प्राचार्या डॉ. वैशाली पाटिल, उपप्राचार्या प्रा. माधुरी रेड्डी आदि अधिकारी उपस्थित थे।
विभिन्न समस्याओंवर उत्कृष्ट व इनोवेटिव समाधान सादर करणाऱ्या पाच संघांना प्रत्येकी दीड लाख रुपये पुरस्कार व प्रमाणपत्र देऊन सन्मानित करण्यात आले. देशभरातील 25 संघ या महाअंतिम फेरीत सहभागी झाले होते।
विजेता संघ
टीम 818_Charcoal (IIST, इंदौर) – प्रथम पुरस्कार ₹1.5 लाख
टीम DeepWise25 (SSEC, भावनगर) – प्रथम पुरस्कार ₹1.5 लाख
टीम EduBoTex (सिंहगड इंजिनिअरिंग कॉलेज, पुणे) – प्रथम पुरस्कार ₹1.5 लाख
टीम HouseOfCoders (IIIT, नागपुर) – प्रथम पुरस्कार ₹1.5 लाख
टीम CodeDivas (BNMIT, बेंगलुरु) व Team NeuraX (KGISL, कोयंबटूर) – संयुक्त प्रथम पुरस्कार ₹1.5 लाख



