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समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

सीतामढ़ी विशाल समाचार संवाददाता 

 

समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, डीपीआरओ कमल सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

बैठक में आयुष्मान योजना के अंतर्गत जिले में इंपैनल्ड सभी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ इंपैनलमेंट की प्रक्रिया में शामिल निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

 

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना गरीब एवं वंचित परिवारों के लिए जीवन रेखा के समान है, ऐसे में इससे जुड़े सभी अस्पतालों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने अस्पताल प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि आयुष्मान कार्डधारियों को समुचित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी मरीज को किसी प्रकार की असुविधा या परेशानी न हो।

 

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत जिन अस्पतालों को इंपैनल किया गया है, वे निर्धारित मानकों का अक्षरशः पालन करें। मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले अस्पतालों को डी-इंपैनल किए जाने की कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिले में अब तक लगभग 15 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और इस उपलब्धि के साथ सीतामढ़ी जिला राज्य स्तर पर 10वें स्थान पर है, जो सराहनीय है।

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले में आयुष्मान योजना से 13 अस्पताल टैग हैं, जबकि 19 अस्पताल इंपैनलमेंट की प्रक्रिया में हैं। अस्पतालों की संख्या बढ़ाए जाने की आवश्यकता है, इसके लिए प्रक्रिया में शामिल अस्पताल अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करें, साफ-सफाई एवं सैनिटाइजेशन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि ड्रेसर, एएनएम, नर्स, कंपाउंडर सहित सभी मेडिकल स्टाफ मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्रीधारी हों तथा जिन फैकल्टी में इंपैनलमेंट कराया जाना है, उन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

 

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि माह में कम-से-कम दो बार आयुष्मान से टैग एवं प्रक्रिया में शामिल अस्पतालों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पड़ोसी जिला मुजफ्फरपुर में आयुष्मान योजना से 57 अस्पताल टैग हैं, जबकि सीतामढ़ी में अभी इस दिशा में और प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना का उद्देश्य यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बिना किसी भेदभाव के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। आयुष्मान कार्डधारी मरीजों को संबद्ध अस्पतालों में सम्मानजनक, गुणवत्तापूर्ण और पूरी पारदर्शिता के साथ इलाज मिले, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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