
स्वास्थ्य, शिक्षा और जलापूर्ति के मुद्दों पर बसपा चुनावी मैदान में ,अपने दम पर चुनाव लड़ेगी बसपा: डॉ. हुलगेश चलवादी
पुणे विशाल समाचार संवाददाता
पुणे की जर्जर हो चुकी महानगरपालिका की स्कूलें, जलापूर्ति में पेठ इलाकों और उपनगरों के बीच किया जा रहा भेदभाव, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और आम नागरिकों से जुड़े बुनियादी मुद्दों को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) आगामी 15 जनवरी को होने वाले पुणे एवं पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। यह जानकारी पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं पश्चिम महाराष्ट्र जोन के मुख्य प्रभारी डॉ. हुलगेश चलवादी ने गुरुवार (18 दिसंबर) को दी।
डॉ. चलवादी ने कहा कि शहर में लगातार बढ़ रही जनसंख्या के अनुपात में महानगरपालिका द्वारा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं किया गया। अब तक के अक्षम राजनीतिक नेतृत्व का खामियाजा आम पुणेकरों को भुगतना पड़ रहा है। बसपा अपने मूल मंत्र ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ को सामने रखकर सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि शहर में 24 घंटे जलापूर्ति का वादा किया गया था, लेकिन वास्तविकता यह है कि पेठ क्षेत्रों में लगातार पानी मिलता है, जबकि उपनगरों में एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जाती है। जब कर सभी नागरिक समान रूप से भरते हैं, तो यह भेदभाव क्यों? बसपा को यदि जनसमर्थन मिला तो इस असमानता को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेठ क्षेत्रों में उद्यान और सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि उपनगरों में इन्हीं सुविधाओं के लिए नागरिकों को संघर्ष करना पड़ता है।
डॉ. चलवादी ने बताया कि महानगरपालिका के कुल बजट में से 5 प्रतिशत राशि पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए आरक्षित होती है, लेकिन अब तक इसका सही उपयोग नहीं हुआ। लगभग 16 हजार करोड़ रुपये के बजट में से 700 से 800 करोड़ रुपये संविधान के अनुसार पिछड़े वर्गों की सुविधाओं के लिए खर्च किए जाने चाहिए। इस राशि का उपयोग गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा, साइकिल, कंप्यूटर, लैपटॉप तथा अन्य शैक्षणिक शुल्क में किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर में यातायात जाम से निपटने के लिए प्रभावी प्रबंधन, झुग्गी-झोपड़ीवासियों को सम्मानपूर्वक एसआरए योजना में शामिल करना तथा ‘स्वच्छ पुणे, सुंदर पुणे, हरित पुणे’ के संकल्प को साकार करने के लिए बसपा पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
डॉ. चलवादी ने कहा कि महानगरपालिका स्कूलों का स्तर लगातार गिरा है। पुणे को शिक्षा का गढ़ कहा जाता है, ऐसे में स्कूलों की यह स्थिति शहर की छवि को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक गुणवत्ता वाली पालिका स्कूलों की स्थापना, प्रत्येक वार्ड में पुस्तकालय और सभी सुविधाओं से युक्त उद्यान विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि मानसून के दौरान शहर की सड़कों पर जलभराव हो जाता है, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी होती है। उचित योजना के अभाव में यह समस्या बनी हुई है। बसपा इस दिशा में भी ठोस कदम उठाएगी।
अंत में डॉ. हुलगेश चलवादी ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के मतदाताओं से बसपा को समर्थन देने की अपील की, ताकि शहर का संतुलित, न्यायपूर्ण और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।


