अनुसूचित जाति महिलाओं के लिए लाभकारी है सावित्रीबाई फुले योजना
रीवा विशाल समाचार: . सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अनुसूचित जाति की महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता का अवसर देने के लिए अन्त्यावसायी सहकारी समिति द्वारा सावित्रीबाई फुले स्वसहायता समूह योजना लागू की गई है। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अन्त्यावसायी सहकारी समिति एमपी पाठक ने बताया कि अनुसूचित जाति की महिलाओं के स्वसहायता समूह को इस योजना के तहत प्रति सदस्य के मान से अधिकतम 2 लाख रुपए का ऋण दिया जा रहा है। भारत सरकार की विशेष केन्द्रीय सहायता के तहत समय-समय पर प्रति हितग्राही को 10 हजार रुपए का अनुदान भी दिया जाता है। अनुसूचित जाति वर्ग की 18 से 55 आयु वर्ग की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। इसके लिए सदस्य की वार्षिक आय शहरी क्षेत्र में 55 हजार रुपए तथा ग्रामीण क्षेत्र में 40 हजार रुपए वार्षिक से अधिक नहीं होनी चाहिए। हितग्राही का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक है। इस योजना के तहत महिला स्वसहायता समूहों को लघु और कुटीर उद्योग, पशुपालन, हस्तशिल्प जैसे परंपरागत व्यवसायों में स्वरोजगार का प्रशिक्षण और वित्त पोषण की सुविधा दी जाती है। अनुसूचित जाति वर्ग की सफाई कामगार, दिव्यांग तथा कल्याणी महिलाओं को इसमें प्राथमिकता दी जाती है। योजना का लाभ उठाने के लिए जिला अन्त्यावसायी सहकारी समिति कार्यालय कलेक्ट्रेट में संपर्क किया जा सकता है।

