
तकनीक के समावेश से उद्योगों का विकास होगा तेज
पद्मश्री मिलिंद कांबळे का प्रतिपादन; भारत की पहली तीन दिवसीय ‘ईआरपी प्रदर्शनी’ का उद्घाटन
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे/पिंपरी, महाराष्ट्र
“देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक को अपनाना आवश्यक है। एआई और डिजिटलीकरण से उद्योगों की उत्पादकता बढ़ेगी और भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में मदद मिलेगी,” यह प्रतिपादन डिक्की (दलित इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) के संस्थापक पद्मश्री मिलिंद कांबळे ने किया।
वे पिंपरी-चिंचवड़ स्थित ऑटोक्लस्टर एग्जीबिशन सेंटर में एक्स्पोनॉमिक्स इवेंट्स की ओर से आयोजित भारत की पहली ‘ईआरपी औद्योगिक प्रदर्शनी’ के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
इस अवसर पर एक्स्पोनॉमिक्स के संचालक सागर अहिवळे, मिलिंद हडप, आरती भोसले-अहिवळे, सनवन टेक्नोलॉजी की संचालक श्रद्धा कुलकर्णी, अप्लिका कंसल्टेंसी के प्रमुख रॉड अल्बुकर्क, रिंगफिडर ट्रांसमिशन के सीईओ दीपान रामलिंगम, इंद्रायणी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र फणसे, रोटरी क्लब ऑफ पिंपरी एलीट के इरफान आवटे, प्रसाद कुलकर्णी, फेडरेशन ऑफ चाकण इंडस्ट्रीज के सीईओ दिलीप बटवाल और डॉ. प्रकाश मुंडे उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वीडियो संदेश के माध्यम से प्रदर्शनी की सराहना की। इस दौरान प्रदर्शनी की जानकारी देने वाली मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया गया।
तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी में मैन्युफैक्चरिंग, फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स, रिटेल, हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन और एडटेक क्षेत्रों से जुड़े अत्याधुनिक ईआरपी एवं डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए जा रहे हैं। साथ ही विशेषज्ञों के मार्गदर्शन सत्र, कार्यशालाएं और लाइव डेमो का भी आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी 9 मई तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक आम नागरिकों के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।
मिलिंद कांबळे ने कहा कि भारत में आने वाला लगभग 40 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश महाराष्ट्र में आता है और उसमें भी पुणे उद्योग क्षेत्र अग्रणी है। महाराष्ट्र की औद्योगिक नीतियां निवेश के लिए अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद भारत में डिजिटल क्रांति तेज हुई है और अब उद्योगों को ईआरपी, एआई, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाना होगा।
प्रस्तावना में सागर अहिवळे ने कहा कि देशभर की 100 से अधिक ईआरपी कंपनियां, तकनीकी प्रदाता और स्टार्टअप इस प्रदर्शनी में शामिल हुए हैं। “डिजिटल भारत, विकसित भारत” की संकल्पना को आगे बढ़ाने में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
श्रद्धा कुलकर्णी ने कहा कि पुणे ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल और औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है और आधुनिक तकनीक उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक होगी।
आरती भोसले-अहिवळे ने कहा कि यह प्रदर्शनी उद्योगों को पारंपरिक कार्यप्रणाली से बाहर निकालकर स्मार्ट और डेटा-आधारित औद्योगिक व्यवस्था की ओर ले जाने में मदद करेगी।
मिलिंद हडप ने कहा कि इस आयोजन से एमएसएमई और एसएमई क्षेत्र के उद्योगों को ईआरपी और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलेगी और नई भागीदारी व विकास के अवसर तैयार होंगे।
कार्यक्रम में रॉड अल्बुकर्क, दीपान रामलिंगम, महेंद्र फणसे, प्रसाद कुलकर्णी और दिलीप बटवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र पाटणकर और दीपक म्हस्के ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन मिलिंद हडप ने किया।



