
स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने में तेजी लाने हेतु जिला स्तरीय बैंक प्रबंधक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
पुणे, सोहन सिंह
महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (उमेद) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से बैंक ऋण सहज रूप से उपलब्ध हो, इसके लिए जिला स्तर पर प्रत्येक बैंक शाखा को लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं। इन लक्ष्यों की प्रभावी पूर्ति हो तथा बैंक प्रबंधकों का सहयोग और अधिक सुदृढ़ हो—इसी उद्देश्य से आज जिला परिषद, पुणे में जिला स्तरीय अनिवासी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण में विभिन्न बैंकों की शाखाओं से 193 बैंक प्रबंधकों ने सहभाग लिया। उमेद अभियान के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की सफलता की कहानियाँ, ‘लखपति दीदी’ के अनुभव, बीसी सखी के अनुभव तथा जानकारीपरक वीडियो प्रस्तुत किए गए।
जिले की लखपति दीदी, लघु व्यवसाय करने वाली महिलाएँ, कृषि एवं गैर-कृषि क्षेत्र के विविध उपक्रम, साथ ही राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के समन्वय से महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं तथा अनुत्पादक परिसंपत्तियों (एनपीए) से संबंधित विषयों पर गहन चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त बैंकरों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग से जुड़ी शंकाओं के समाधान पर भी सकारात्मक चर्चा की गई।
कार्यशाला में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने ऑनलाइन उपस्थित रहकर मार्गदर्शन किया। प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान (एनआईआरडी), हैदराबाद के श्रीनिवास राव एवं श्रीमती शेफाली सिंह ने स्वयं सहायता समूह बैंक ऋण, व्यक्तिगत बैंक ऋण, डिजिटल फाइनेंस, सामाजिक सुरक्षा एवं वित्तीय साक्षरता विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक श्रीमती शालिनी कडू, जिला अग्रणी बैंक के एलडीएम योगेश पाटील तथा पुणे जिला बैंक के प्रबंध निदेशक अनिरुद्ध देसाई ने उपस्थित बैंकरों को मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर जिला ग्रामीण विकास एजेंसी, जिला परिषद पुणे के अधिकारी-कर्मचारी, सभी जिला प्रबंधक, तालुका प्रबंधक एवं बैंक प्रबंधक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

