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डॉ भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना से उन्नत डेयरी स्थापित करने का अवसर

डॉ भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना से उन्नत डेयरी स्थापित करने का अवसर

रीवा विशाल समाचार. शासन द्वारा दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं को लागू किया गया है। पशु चिकित्सा सेवायें विभाग द्वारा डॉ भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश के मूल निवासी सभी वर्ग के पशुपालकों को उन्नत डेयरी स्थापित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस संबंध में संयुक्त संचालक पशुपालन डॉ डीएस बघेल ने बताया कि डेयरी स्थापित करने के लिए हितग्राही के पास कम से कम 3.5 एकड़ स्वयं की भूमि होना आवश्यक है। एक हितग्राही अधिकतम आठ इकाईयाँ इस योजना से स्थापित कर सकता है। एक इकाई में गौवंशीय अथवा भैंस वंशीय 25 दुधारू पशु दिए जाते हैं। एक इकाई में सभी पशुओं का एक ही नस्ल का होना आवश्यक है। योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालन विभाग की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एमपी डीएएच डॉट जीओभी डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

 

संयुक्त संचालक ने बताया कि डॉ भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना में एक हितग्राही एक आवेदन पर एक से अधिक डेयरी इकाईयाँ स्थापित कर सकता है। आवेदक को किसी भी बैंक का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। योजना में हितग्राही के रूप में चयन होने पर पशुपालक को निर्धारित शासकीय प्रशिक्षण संस्थान अथवा महाविद्यालय में पशुपालन का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। योजना की प्रत्येक इकाई के लिए देशी गाय की नस्ल में 36 लाख रुपए तथा शंकर गाय अथवा भैंस के लिए 42 लाख रुपए इकाई लागत निर्धारित की गई है। योजना में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को परियोजना लागत की 33 प्रतिशत राशि का अनुदान लाभ दिया जाएगा। अन्य श्रेणी के हितग्राहियों को 25 प्रतिशत अनुदान लाभ मिलेगा। योजना का क्रियान्वयन बैंकों के माध्यम से किया जाएगा। पोर्टल पर पहले आओ पहले पाओ के अनुसार आवेदन के क्रम में हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। इस संबंध में अन्य जानकारियाँ संयुक्त संचालक पशुपालन कार्यालय चिरहुला से कार्यालयीन समय पर प्राप्त की जा सकती हैं।

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