
समृद्धि यात्रा के तहत सीतामढ़ी में जन संवाद कार्यक्रम, मुख्यमंत्री हुए शामिल
पटना/सीतामढ़ी, विशाल समाचार
समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज सीतामढ़ी जिले के हित नारायण उच्च विद्यालय, चंदौली में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देना है, ताकि युवाओं को रोजगार मिले और वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके लिए सभी जिलों में उद्योग लगाने हेतु आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा जनहित में किए गए कार्यों को जनता तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने वर्ष 2005 से पहले और बाद की स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि पहले बिहार में कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन निरंतर प्रयासों से आज राज्य में विकास, शांति और सामाजिक सौहार्द का माहौल कायम हुआ है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बड़ी संख्या में नए स्कूल खोले गए, नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई और सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। वर्ष 2006 से अब तक लाखों शिक्षकों की बहाली की गई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। अब कुल मिलाकर सरकारी शिक्षकों की संख्या पांच लाख से अधिक हो गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति खराब थी, लेकिन अब अस्पतालों में डॉक्टरों, दवाइयों और इलाज की बेहतर व्यवस्था है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर देते हुए कहा कि राज्य में सड़कों और पुलों का जाल बिछाया गया है, जिससे आवागमन आसान हुआ है। कृषि क्षेत्र में भी सुधार हुआ है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। मत्स्य पालन, डेयरी और पशुपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 योजनाओं के तहत किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि हर घर बिजली, हर घर नल का जल, पक्की सड़कें, शौचालय, आवास और स्वच्छता जैसे कार्यों से आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों—महिलाओं, अल्पसंख्यकों, पिछड़ों और अति पिछड़ों—के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।



