
समतादूत शासन की विकास प्रक्रिया के वाहक बनें:— डॉ. हर्षदीप कांबळे
महाड़ में समतादूतों की दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला
पुणे, सोहन सिंह:
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन एवं प्रशिक्षण संस्था (बार्टी), पुणे की ओर से दिनांक 19 एवं 20 जनवरी 2026 को क्रांतिभूमि महाड़, जिला रायगढ़ स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक में समतादूतों एवं परियोजना अधिकारियों की दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन सामाजिक न्याय विभाग के प्रधान सचिव डॉ. हर्षदीप कांबळे ने दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बार्टी के समतादूत पूरे राज्य में शासन, सामाजिक न्याय विभाग एवं बार्टी की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। वंचित वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में समतादूत ऐप अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। समतादूत शासन की सशक्त कड़ी हैं और उन्हें शासन की विकास प्रक्रिया का सक्रिय वाहक बनना चाहिए।
डॉ. कांबळे ने कहा कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा शासन के 17 विभागों को विभिन्न योजनाओं हेतु निधि प्रदान की जाती है। इन सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार समतादूतों द्वारा किया जाना चाहिए। शासन की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में समतादूतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने समतादूतों से इस प्रक्रिया में पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर अपने कार्य की विशिष्ट पहचान स्थापित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर बार्टी के महासंचालक श्री सुनील वारे, निबंधक श्री विशाल लोंढे, विस्तार एवं सेवा विभाग के विभाग प्रमुख डॉ. बबन जोगदंड, लेखाधिकारी श्री नितीन चव्हाण, सहायक लेखाधिकारी श्री उल्हास शिंदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक, महाड़ में स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की पूर्णाकृति प्रतिमा पर महासंचालक श्री सुनील वारे द्वारा पुष्पहार अर्पित कर विनम्र अभिवादन किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए महासंचालक श्री सुनील वारे ने कहा कि महाड़ क्रांतिभूमि है, जहां डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने चवदार तालाब सत्याग्रह के माध्यम से सामाजिक समता की स्थापना की। यह संघर्ष आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि समतादूत लंबे समय से शासन एवं सामाजिक न्याय विभाग की योजनाओं का सफलतापूर्वक प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। समतादूतों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा बदलते समय के अनुरूप उन्हें नवीन ज्ञान एवं कौशल विकसित करना चाहिए।
कार्यशाला का प्रास्ताविक रखते हुए विस्तार एवं सेवा विभाग के विभाग प्रमुख डॉ. बबन जोगदंड ने बताया कि राज्य के प्रत्येक तहसील में समतादूत सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उनके कार्य में और अधिक गतिशीलता लाने के उद्देश्य से इस दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उल्लेखनीय कार्य करने वाले समतादूतों एवं परियोजना अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने समतादूतों से कार्य में तेजी लाने हेतु नवीन तकनीक के उपयोग का भी आह्वान किया।

कार्यालयीन कार्य में अनुशासन विषय पर निबंधक श्री विशाल लोंढे ने समतादूतों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यशाला में राज्य भर से लगभग 300 समतादूत एवं परियोजना अधिकारी उपस्थित हैं।
कार्यशाला को सफल बनाने में समतादूत विभाग की परियोजना अधिकारी श्रीमती तेजस्वी सोनवणे, राजश्री कांबळे, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक महाड़ के व्यवस्थापक श्री प्रकाश जमदाडे, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती लीना कांबळे ने विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम का संचालन परियोजना प्रबंधक श्री सुमेध थोरात ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्री रामदास लोखंडे ने किया।



