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केंद्रीय बजट से पहले AMCCIE ने प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को सौंपा विस्तृत प्री-बजट मांग पत्र

केंद्रीय बजट से पहले AMCCIE ने प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को सौंपा विस्तृत प्री-बजट मांग पत्र

पुणे विशाल सिंह: आगामी केंद्रीय बजट के मद्देनज़र अग्रवाल मारवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज एंड एजुकेशन (AMCCIE) ने एक विस्तृत प्री-बजट मांग पत्र देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी को प्रस्तुत किया है। इस मांग पत्र में एमएसएमई, व्यापारी वर्ग, जीएसटी सुधार, शिक्षा, मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप्स, रियल एस्टेट, रत्न एवं आभूषण उद्योग तथा रोजगार सृजन से जुड़े प्रमुख मुद्दों को शामिल किया गया है।

चैंबर की ओर से बोलते हुए श्री राजेश अग्रवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, AMCCIE ने कहा कि आगामी बजट विकासोन्मुख, व्यापारी-हितैषी और न्यूनतम अनुपालन वाला होना चाहिए, जो “विकसित भारत ” के राष्ट्रीय विज़न को साकार करे।

इन प्रमुख पदाधिकारियों ने मांगों का समर्थन किया:

श्री नरेंद्र गोयल – राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, AMCCIE

श्री कमलराज बंसल – निदेशक, AMCCIE

श्री उमेश मंडोत – निदेशक, AMCCIE

AMCCIE के सभी निदेशक एवं सदस्य

AMCCIE की प्रमुख बजट मांगें:

जीएसटी सुधार:

AMCCIE ने माननीय प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि जीएसटी को केवल तीन स्लैब – 0%, 5% और 10% तक सीमित किया जाए तथा 18% और 28% स्लैब को समाप्त किया जाए। साथ ही छोटे व्यापारियों के लिए त्रैमासिक जीएसटी रिटर्न और शीघ्र रिफंड व्यवस्था लागू की जाए।

रत्न एवं आभूषण (Gems & Jewellery) क्षेत्र:

देश में बड़े पैमाने पर रोजगार एवं निर्यात में अहम योगदान देने वाले रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए जीएसटी मात्र 1% निर्धारित करने, अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने और निर्यात-अनुकूल नीतियां लागू करने की मांग की गई है।

एमएसएमई एवं छोटे व्यापारी:

₹5 करोड़ तक बिना गारंटी ऋण, ब्याज अनुदान, एमएसएमई टर्नओवर सीमा में वृद्धि और अनुपालन बोझ कम करने की मांग माननीय प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री से की गई है।

मैन्युफैक्चरिंग एवं ‘मेक इन इंडिया’:

पारंपरिक उद्योगों को PLI योजनाओं में शामिल करने, बिजली दरों में कमी, तकनीकी उन्नयन हेतु पूंजी सब्सिडी और सिंगल विंडो क्लीयरेंस लागू करने का आग्रह किया गया है।

शिक्षा एवं कौशल विकास:

कम ब्याज दर पर शिक्षा ऋण, कौशल विकास पर कर प्रोत्साहन तथा निजी एवं सामुदायिक शिक्षण संस्थानों को सरकारी सहयोग देने की मांग रखी गई है।

स्टार्टअप एवं उद्यमिता:

स्टार्टअप इंडिया टैक्स छूट को 10 वर्षों तक बढ़ाने, एंजेल टैक्स पूरी तरह समाप्त करने और टियर-2 व टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स के लिए विशेष फंड की मांग की गई है।

रियल एस्टेट एवं इंफ्रास्ट्रक्चर:

होम लोन टैक्स छूट बढ़ाने, निर्माण सामग्री पर जीएसटी युक्तिकरण और परियोजना स्वीकृतियों में तेजी लाने की अपील की गई है।

व्यापार, निर्यात एवं लॉजिस्टिक्स:

लॉजिस्टिक्स लागत घटाने, कस्टम क्लियरेंस में तेजी और “वोकल फॉर लोकल से ग्लोबल” के तहत पारंपरिक व्यापारियों को निर्यात प्रोत्साहन देने का आग्रह किया गया है।

संयुक्त अपील

श्री राजेश अग्रवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री नरेंद्र गोयल, निदेशक श्री कमलराज बंसल एवं श्री उमेश मंडोत, तथा AMCCIE के सभी सदस्यों ने संयुक्त रूप से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी से अपील की है कि केंद्रीय बजट व्यापार, शिक्षा, रोजगार सृजन, पारंपरिक उद्योगों और समावेशी आर्थिक विकास को गति देने वाला हो।

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