राष्ट्रीय पर्यटन दिवस विशेष
‘पुणे ग्रैंड टूर’ से जिले का पर्यटन मानचित्र वैश्विक पटल पर…!!
हर वर्ष 25 जनवरी को भारत में ‘राष्ट्रीय पर्यटन दिवस’ मनाया जाता है। पर्यटन के माध्यम से देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर का संरक्षण, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना तथा वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को और सुदृढ़ करना—यही इस दिवस का मूल उद्देश्य है। पर्यटन केवल यात्रा नहीं, बल्कि संस्कृति का संवाद, इतिहास की अनुभूति, प्रकृति से जुड़ाव और मानव संवेदनाओं का सेतु है।
इस वर्ष पुणे जिले के लिए यह दिवस अत्यंत विशेष, गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक सिद्ध हो रहा है। 23 जनवरी को जिला प्रशासन की उत्कृष्ट योजना और सफल क्रियान्वयन से आयोजित ‘बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026’ अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग प्रतियोगिता ने पुणे के पर्यटन क्षेत्र को न केवल नई दिशा दी है, बल्कि उसे सीधे वैश्विक मंच पर स्थापित करने की ठोस नींव रखी है। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पुणे के इतिहास, संस्कृति, प्रकृति, कृषि, ग्रामीण जीवनशैली और आधुनिक अवसंरचना का एक भव्य वैश्विक प्रदर्शन (शोकेस) बनकर उभरा है।
अब तक पुणे को शिक्षा का गढ़, आईटी हब, सांस्कृतिक राजधानी और औद्योगिक केंद्र के रूप में जाना जाता रहा है। किंतु ‘पुणे ग्रैंड टूर’ के बाद पुणे की पहचान एक ‘ग्लोबल टूरिज़्म डेस्टिनेशन’ के रूप में सशक्त रूप से उभरने जा रही है। यह केवल छवि परिवर्तन नहीं, बल्कि संपूर्ण पर्यटन अर्थव्यवस्था के एक नए युग की शुरुआत है।
पुणे जिले का इतिहास केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक अध्ययन का विषय रहा है। स्वराज्य की स्थापना, छत्रपति शिवाजी महाराज की दूरदर्शी राजनीति, छत्रपति संभाजी महाराज का बलिदान, मावलों का पराक्रम, किलों पर लड़े गए संघर्ष और गुरिल्ला युद्धनीति—ये सभी इतिहास के ऐसे अध्याय हैं जिनका अध्ययन विश्वभर में किया जाता है। ‘ग्रैंड टूर’ के माध्यम से यह इतिहास अब पुस्तकों तक सीमित न रहकर, प्रत्यक्ष भूभाग पर अनुभव किए जाने योग्य रूप में वैश्विक दर्शकों तक पहुँचेगा।
पुरंदर का ऐतिहासिक वैभव
पुरंदर केवल एक किला नहीं, बल्कि स्वराज्य के इतिहास का जीवंत दस्तावेज़ है। छत्रपति संभाजी महाराज की जन्मभूमि और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन की अनेक निर्णायक घटनाओं का साक्षी यह क्षेत्र, ‘पुणे ग्रैंड टूर’ के मार्ग के कारण अंतरराष्ट्रीय मीडिया, लाइव प्रसारण और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से उभरेगा। इससे पुरंदर इतिहासप्रेमियों के साथ-साथ वैश्विक पर्यटकों का भी प्रमुख आकर्षण बनेगा।
राजगड: स्वराज्य की पहली राजधानी
भोर-वेल्हे क्षेत्र का राजगड—स्वराज्य की प्रथम राजधानी—इतिहास में अटल स्थान रखता है। जहाँ से स्वराज्य का स्वप्न विस्तारित हुआ, वहीं से प्रशासन, राजनीति और सैन्य रणनीतियों की दिशा तय हुई। सह्याद्री की पर्वतमालाएँ, धुंध की चादर, घाट मार्ग, जलप्रपात और ऐतिहासिक पगडंडियाँ—‘ग्रैंड टूर’ के माध्यम से यह संपूर्ण प्राकृतिक-ऐतिहासिक अनुभव विश्व के सामने एकीकृत रूप में प्रस्तुत होगा।
प्रकृति, जलाशय और ग्रामीण सौंदर्य
पुणे जिला प्रकृति की अनुपम देन है—पश्चिमी घाट की सह्याद्री पर्वतमालाएँ, हरी-भरी घाटियाँ, घने वन, नदियाँ, जलाशय और कृषि प्रधान क्षेत्र। पानशेत, वरसगांव, टेमघर, नीरा-देवघर और खड़कवासला जैसे जलाशयों के किनारे बने साइक्लिंग मार्ग पर्यटकों को केवल यात्रा नहीं, बल्कि एक दृश्यात्मक और भावनात्मक अनुभव प्रदान करेंगे।
कृषि पर्यटन: नई पहचान
कृषि पर्यटन एक सशक्त आयाम के रूप में उभर रहा है। पुरंदर की विश्वविख्यात अंजीर और सीताफल अब केवल बाज़ार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पर्यटन की पहचान बनेंगे। विदेशी पर्यटक खेतों में जाकर फल तोड़ने, किसानों से संवाद, ग्रामीण भोजन और मिट्टी की सुगंध का अनुभव ले सकेंगे। पर्यटन अब शहर-केंद्रित न रहकर सीधे खेत तक पहुँचेगा—यही इस परिवर्तन की वास्तविक शक्ति है।
पर्यटन की रीढ़: अवसंरचना
‘पुणे ग्रैंड टूर’ से अवसंरचना विकास को ठोस गति मिलेगी। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों की गुणवत्ता सुधरेगी, कनेक्टिविटी बढ़ेगी और ऐतिहासिक-प्राकृतिक स्थलों तक पहुँच आसान होगी। इसका सीधा सामाजिक-आर्थिक प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। होम-स्टे, स्थानीय गाइड, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजन, महिला स्व-सहायता समूह और युवाओं के स्टार्ट-अप्स को नई संभावनाएँ मिलेंगी। पर्यटन अब केवल बाहरी आय का स्रोत नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने वाला विकास मॉडल बनेगा।
नए पर्यटन युग की शुरुआत
आज, राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर यह स्पष्ट है कि पुणे जिला अब केवल शिक्षा, उद्योग या आईटी तक सीमित नहीं रहेगा। इतिहास, प्रकृति, कृषि, संस्कृति, आधुनिकता और वैश्विक पर्यटन के संगम के रूप में पुणे एक समग्र केंद्र बनकर उभरेगा। ‘पुणे ग्रैंड टूर’ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पुणे के पर्यटन विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर है।
इस आयोजन ने जो नींव रखी है, वह पुणे पर्यटन को एक नए स्वर्णकाल की ओर ले जाएगी। पुणे जिला न केवल भारत के पर्यटन मानचित्र को नया रूप देगा, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट और सशक्त पहचान स्थापित करेगा। यह परिवर्तन अत्यंत आशाजनक है और पुणेवासियों ने इस अवसर को पूरे मन से अपनाया है। अब पर्यटन केवल सप्ताहांत तक सीमित न रहकर, वर्षभर चलने वाला सशक्त पर्यटन-मौसम बनेगा।
इस पर्यटन क्रांति के हम साक्षी हैं—यह अनुभूति अत्यंत गर्व और आनंद से भर देने वाली है।
— युवराज पाटिल
जिला सूचना अधिकारी, पुणे



