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सकारात्मक जीवनशैली ही सुदृढ़ स्वास्थ्य की नींव – डॉ. जगन्नाथ दीक्षित  

सकारात्मक जीवनशैली ही सुदृढ़ स्वास्थ्य की नींव – डॉ. जगन्नाथ दीक्षित  

सुचेता स्वास्थम की ओर से विकसित किए गए ‘स्वास्थम ’ मोबाइल ॲप का अनावरण

 

 

पुणे, विशाल समाचार– वर्तमान सामाजिक व्यवस्था में जितने अधिक डॉक्टर और जितने अधिक अस्पताल, उतना ही समाज अधिक स्वस्थ होता है—ऐसा एक गलत भ्रम फैल रहा है. वास्तव में दवाइयों से अधिक उचित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक जीवनशैली ही स्वस्थ जीवन के सच्चे आधार स्तंभ हैं, ऐसी राय वरिष्ठ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. जगन्नाथ दीक्षित ने व्यक्त की.

 

स्वास्थ्य संबंधी जन जागरूकता के लिए सुचेता स्वास्थम की ओर से विकसित किए गए ‘स्वास्थम’ मोबाइल ॲप का अनावरण गणतंत्र दिवस के पवित्र अवसर पर, 26 जनवरी को संपन्न हुआ. इस अवसर पर वरिष्ठ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. जगन्नाथ दीक्षित, प्रसिद्ध उद्योजक, स्टार्टअप सलाहकार व मार्गदर्शक तथा NEF फाउंडेशन के संस्थापक श्री गणेश नटराजन और वरिष्ठ उद्योगपति तथा बायोरॅड मेडिसिस के व्यवस्थापकीय संचालक श्री जितेंद्र हेगड़े की प्रमुख उपस्थिति में यह समारोह प्रमुख अतिथियों के रूप में आयोजित किया गया. स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में उठाया गया यह महत्वपूर्ण कदम गणतंत्र दिवस पर साकार होने का विशेष गौरव इस अवसर पर व्यक्त किया गया.

 

डॉ. दीक्षित ने कहा कि आज सोशल मीडिया के युग में जानकारी की बाढ़ आ गई है. हर कोई स्वयं को विशेषज्ञ समझता है, लेकिन कौन-सी जानकारी वैज्ञानिक रूप से सही है और कौन-सी भ्रामक, इसकी जाँच-पड़ताल करना अत्यंत आवश्यक है. आज बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है, लेकिन लोगों को बीमार ही न पड़ने दें—इस दिशा में मार्गदर्शन करने वाले ‘स्वास्थम’ जैसे उपक्रमों की समाज को अत्यंत आवश्यकता है”

 

स्वास्थम के संस्थापक सौ. सुचेता गोडबोले देशपांडे और श्री राहुल देशपांडे ने बताया कि देश के विभिन्न सामाजिक-आर्थिक स्तर के सैकड़ों लोगों के स्वास्थ्य संबंधी अध्ययन के आधार पर ‘स्वास्थम’ ॲप की संकल्पना विकसित की गई है. उन्होंने कहा, “आने वाले दस वर्षों में करोड़ों लोगों तक पहुँचकर उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना हमारा दीर्घकालीन लक्ष्य है।”

 

श्री. जितेंद्र हेगडे ने बताया कि “सुदृढ़ स्वास्थ्य का अर्थ केवल शारीरिक फिटनेस नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है. सकारात्मक सोच शरीर और समग्र जीवन-स्तर पर गहरा प्रभाव डालती है.”

 

श्री गणेश नटराजन ने अपने भाषण में कहा की, “जिस प्रकार जीवन जीने के लिए शिक्षा आवश्यक है, उसी प्रकार स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्य शिक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. समाज को सही स्वास्थ्य दिशा दिखाने वाले ‘स्वास्थम’ जैसे उपक्रम समय की आवश्यकता हैं.

 

ॲप के अनावरण के बाद आयोजित स्वास्थ्य विषयक चर्चा सत्र में डॉ. राजेश धोपेश्वरकर, डॉ. अतुल राक्षे, मेजर विशाल कराड, डॉ. विनिता केतकर, डॉ. किरण खरात और डॉ. पुष्कर खैर ने अपने विचार व्यक्त किए.

 

इस अवसर पर वरिष्ठ उद्योगपती तथा सुचेता स्वास्थम के मार्गदर्शक व रणनीतिक सलाहकार श्री सुनील देशमुख और उद्यमिता के प्रख्यात प्राध्यापक, सुचेता स्वास्थम के मार्गदर्शक व सलाहकार श्री विनोद शास्त्री का विशेष सम्मान किया गया. साथ ही, ‘स्वास्थम’ ॲप के प्रारंभिक परीक्षण चरण (Early Trials) में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए परिचारिकाएँ — रूपाली कसबे, नेहल जावळे, नीलम शेख, नंदिनी शेट्ये, संजय कुर्हाडे और कांचन देशकर को सुचेता स्वास्थम की ओर से सम्मानित किया गया.

 

कार्यक्रम का सूत्रसंचालन डॉ. पुष्कर खैर ने किया, सौ. सुचेता गोडबोले देशपांडे ने प्रास्ताविक किया और श्री राहुल देशपांडे ने आभार प्रदर्शन किया.

 

 

 

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