
पृथ्वीराज माली की शानदार शाहीरी से बोपोडी में सजी संयुक्त जयंती की सांस्कृतिक महफिल
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे,महाराष्ट्र
पुणे : छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर बोपोडी में विश्वभूषण डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक महोत्सव समिति, पुणे तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आ.) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जयंती महोत्सव उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शाहीरी और लोकसंगीत के माध्यम से महान व्यक्तित्वों के विचारों का प्रभावी प्रसार किया गया।
शाहीर पृथ्वीराज माली के दमदार और बहारदार प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। पारंपरिक और आधुनिक कला का सुंदर संगम उनके प्रदर्शन में देखने को मिला। छत्रपति शिवाजी महाराज उद्यान में आयोजित इस कार्यक्रम में सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विजय खरे, समिति के अध्यक्ष व पूर्व उपमहापौर परशुराम वाडेकर, रिपब्लिकन पार्टी के अविनाश कदम, उमेश कांबले, पूर्व उपमहापौर सुनीता वाडेकर तथा सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र कांबले सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत ढोलकी और पारंपरिक डफ वादन से हुई, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण बन गया। इसके बाद प्रस्तुत किए गए भीमगीतों ने पूरे परिसर को भावविभोर कर दिया।
“मानाचा मुजरा घ्या”, “सोनियाची उगवली सकाळ”, “धम्मदीप हा मानवतेचा”, “दोनच राजे इथे गाजले” जैसे गीतों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं “जिजाऊ सावित्री रमाई माता तुमच्यामध्ये दिसावी” और “बुद्ध कबीर भीमराव फुले या भूमीवर जन्मले” जैसे गीतों के माध्यम से सामाजिक संदेश प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।
“तुम्ही खाता त्या भाकरीवर बाबासाहेबांची सही हाय रं” और “राजा राणीच्या जोडीला” जैसे गीतों को भी दर्शकों ने भरपूर सराहा। बाल कलाकार “शौर्यराज माली” की प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली, जबकि “चांदण्याची काया” ने कार्यक्रम में अलग ही रंग भर दिया।
संयुक्त जयंती महोत्सव का समापन शनिवार को “लोककला दर्शन” कार्यक्रम के साथ होगा, जिसे लेकर नागरिकों में उत्सुकता देखी जा रही है।



