महाराष्ट्रपूणे

ऑनलाइन बेटिंग, जुआ और फैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप्स पर सख्त कानूनी प्रतिबंध की मांग

ऑनलाइन बेटिंग, जुआ और फैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप्स पर सख्त कानूनी प्रतिबंध की मांग

नागरिक सोशल फाउंडेशन ने सरकार से प्रभावी कार्रवाई की अपील की

पुणे विशाल सिंह:

भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान ऑनलाइन बेटिंग, जुआ (गैम्बलिंग) और फैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप्स के माध्यम से अरबों रुपये का लेन-देन हो रहा है। जहां एक ओर यह उद्योग तेजी से आर्थिक विस्तार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके कारण हजारों परिवारों का आर्थिक और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कर्ज़ में डूबना, मानसिक अवसाद, पारिवारिक तनाव और आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाएं इस समस्या की गंभीरता को दर्शाती हैं।

इसी पृष्ठभूमि में नागरिक सोशल फाउंडेशन, पुणे द्वारा इस विषय पर गहन अध्ययन कर महाराष्ट्र राज्य सरकार तथा भारत सरकार के गृह मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा गया है। संस्था की ओर से ऑनलाइन बेटिंग, जुआ और फैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप्स पर कठोर कानूनी प्रतिबंध और सख्त क्रियान्वयन की मांग की गई है। यह जानकारी नागरिक सोशल फाउंडेशन के अधिवक्ता सर्वेश मेहंदळे ने आज आयोजित पत्रकार परिषद में दी।

विभिन्न राज्य सरकारों के आंकड़ों और राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑनलाइन जुए की लत के कारण देशभर में 100 से 150 से अधिक आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुमान के अनुसार, इन ऐप्स के कारण भारतीय नागरिकों को हर वर्ष लगभग ₹15,000 से ₹20,000 करोड़ का प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जांच एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला लेन-देन, आतंकी फंडिंग, मानव तस्करी और अन्य समाजविरोधी गतिविधियों में किया जा रहा है।

संस्था का कहना है कि नामी-गिरामी सेलिब्रिटी और खिलाड़ी भारी पारिश्रमिक लेकर इन ऐप्स का प्रचार कर रहे हैं, जिससे युवाओं में इनके प्रति आकर्षण बढ़ रहा है। इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव छात्रों, युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। ऐसे में प्रस्तावित ऑनलाइन गेमिंग (प्रमोशन और रेग्युलेशन) कानून केवल एक कानूनी सुधार नहीं, बल्कि समाज के मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक कदम है।

इस अवसर पर नागरिक सोशल फाउंडेशन के अमेय सप्रे, प्रीतम थोरवे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्य मांगें:

• ऑनलाइन बेटिंग और जुआ ऐप्स पर सख्त प्रतिबंध एवं प्रभावी कार्रवाई

• सेलिब्रिटी प्रमोशन के लिए स्पष्ट नैतिक एवं सामाजिक जवाबदेही तय करना

• ऐसे ऐप्स के उपयोगकर्ताओं और प्रवर्तकों पर दंडात्मक कार्रवाई

• बार-बार उल्लंघन करने वालों के लिए कठोर दंड और कारावास का प्रावधान

• महाराष्ट्र राज्य में ऑनलाइन बेटिंग के विरुद्ध अलग सायबर विभाग की स्थापना

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