
केंद्रीय बजट विकास की गति बढ़ाने वाला – डॉ. हुलगेश चलवादी
बहुजन और मध्यमवर्गीय अपेक्षाओं की हुई अनदेखी
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे, महाराष्ट्र
दिनांक: 1 फ़रवरी 2026
पुणे:केंद्रीय बजट के माध्यम से केंद्र सरकार आर्थिक स्थिरता और सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास कर रही है, ऐसा स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता की पृष्ठभूमि में देश के भीतर निवेश, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे पर ज़ोर देते हुए सरकार ने विकास का मार्ग अपनाया है। विशेष रूप से पूंजीगत व्यय में निरंतरता रखते हुए सड़क, रेलवे, बंदरगाह और डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए आवंटन बढ़ाना बजट का सकारात्मक पक्ष है। यह मत पूर्व नगरसेवक एवं बहुजन आंदोलन के नेता डॉ. हुलगेश चलवादी ने व्यक्त किया।
पुणे–हैदराबाद तथा मुंबई–पुणे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा से राज्य के दो प्रमुख महानगरों के नागरिकों को राहत मिली है। इन कॉरिडोरों के माध्यम से रेलवे और सड़क मार्गों पर बढ़ते यातायात एवं यात्रियों के दबाव में कमी आएगी, ऐसा विश्वास डॉ. चलवादी ने व्यक्त किया।
हालांकि, गहन अध्ययन के दृष्टिकोण से देखा जाए तो इस बार भी मध्यमवर्गीय करदाताओं को बजट से विशेष राहत नहीं मिली है। आम जनता की जेब पर बोझ डालने वाली महंगाई पर ठोस उपायों का अभाव महसूस होता है। बहुजन वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा से जुड़ी बाधाओं को दूर करने हेतु विशेष योजनाओं की घोषणा अपेक्षित थी, परंतु इस संदर्भ में बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि क्षेत्र में अधिक निवेश की आवश्यकता थी, किंतु इस क्षेत्र में केवल पुरानी योजनाओं को नए रूप में प्रस्तुत किया गया है, ऐसा प्रतीत होता है, ऐसा डॉ. चलवादी ने कहा।
देश के पूंजीगत व्यय में 12.2 लाख करोड़ रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि से रोजगार सृजन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ‘भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का प्रयास सराहनीय है। साथ ही, वित्तीय घाटे को 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य निर्धारित कर सरकार ने आर्थिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में कदम उठाया है।
एमएसएमई क्षेत्र के लिए घोषित 10,000 करोड़ रुपये का विकास निधि उद्यमियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उद्योगोन्मुख और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत इस बजट में डिजिटल बुनियादी ढांचे तथा हरित ऊर्जा पर दिया गया विशेष ज़ोर स्वागतयोग्य है, ऐसा डॉ. हुलगेश चलवादी ने कहा।

