
जिला स्वास्थ्य समिति की शासी बैठक आयोजित, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश
रिपोर्ट:विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: इटावा, उत्तर प्रदेश
जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने ग्रामीण आशा के चयन, परिवार नियोजन के अंतर्गत महिला एवं पुरुष नसबंदी के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नसबंदी के मामले कम हैं, वहां सुधार किया जाए तथा इंट्रा इंजेक्शन की प्रगति को बढ़ाने के लिए जागरूकता एवं शिक्षा पर कार्य किया जाए। इस कार्य में पार्टनर एजेंसियों से सहयोग लेने के भी निर्देश दिए गए।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर बल देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यदि सरकारी अस्पतालों में बेहतर, स्वच्छ और विश्वसनीय सेवाएं उपलब्ध होंगी तो लोग स्वयं वहां आएंगे। उन्होंने ओटी, डिलीवरी रूम एवं वार्ड को साफ-सुथरा रखने और मरीजों को बेहतर केयर देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गंभीर एनीमिया के मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा। फील्ड वर्कर्स को प्रोत्साहित करने, आयरन सप्लीमेंट की उपलब्धता बढ़ाने तथा गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से आयरन टैबलेट देने पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह की 9, 16 एवं 24 तारीख को आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, प्रचार-प्रसार बढ़ाने और बच्चों में पाई जाने वाली कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बिजली, पानी तथा आवश्यक उपकरण जैसे बीपी मशीन एवं ग्लूकोमीटर उपलब्ध हों और सीएचओ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि नोटिफिकेशन बढ़ाने के लिए सैंपलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए, क्योंकि प्रधानमंत्री का लक्ष्य टीबी मुक्त भारत बनाना है। उन्होंने सभी सीएचसी को एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन दिलाने और स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता पर फोकस करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा 5 से 10 वर्ष के बच्चों को मीजल्स एवं रूबेला टीकाकरण पर विशेष जोर देने, स्कूलों में वैक्सीन डे पर सभी बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा टीकाकरण से पहले अभिभावकों को जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, , सीएमएस महिला, सीएमएस पुरुष, समस्त एमओआईसी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



