
योगिक साधना पर आधारित पुस्तक के प्रकाशन का आयोजन संपन्न
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान:पुणे (महाराष्ट्र)।
योग और दर्शन पर आधारित पुस्तक “डिकोडिंग द फिलॉसॉफिकल फाउंडेशन ऑफ योगिक साधना” के प्रकाशन का आयोजन पुणे में संपन्न हुआ। यह पुस्तक लेखिका सुश्री अनुराधा गुप्ते द्वारा लिखी गई है तथा इसका प्रकाशन एपीके पब्लिशर्स द्वारा किया गया है।
इस पुस्तक में योगिक तत्त्वज्ञान को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिससे सामान्य पाठक भी योग के गूढ़ सिद्धांतों को आसानी से समझ सकें। पुस्तक में आसन और प्राणायाम के पीछे छिपे योगिक अर्थों को वैदिक शास्त्रों के संदर्भ में स्पष्ट किया गया है।
लेखिका ने पुस्तक में योगशास्त्र के संहिताकरण में महर्षि पतंजलि सहित अन्य विद्वानों के योगदान पर प्रकाश डाला है। साथ ही, प्राण, चक्र, नाड़ी और पंचकोश जैसे योग के मूलभूत सिद्धांतों को मानव जीवन से जोड़ते हुए उनकी व्याख्या की गई है। यम, नियम, कर्म और मोक्ष जैसी अवधारणाओं को भी पुस्तक में विस्तार से समझाया गया है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक योग साधकों, शोधकर्ताओं और अध्यात्म में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
उल्लेखनीय है कि अनुराधा गुप्ते ने अर्थशास्त्र तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने भारत और अमेरिका में कार्य किया है तथा वह एक कम्युनिकेशन प्रोफेशनल, आर्ट ऑफ लिविंग प्रैक्टिशनर और प्रमाणित साइकोमेट्रिशियन भी हैं। उन्हें वैदिक ज्ञान, सकारात्मक मनोविज्ञान, माइंडफुलनेस और इतिहास में विशेष रुचि है।
पुस्तक का उद्देश्य आध्यात्मिक साधकों को आत्म-साक्षात्कार की यात्रा के लिए प्रेरित करना और योग की दार्शनिक समझ को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाना है।


