पूणेमहाराष्ट्र

डॉ. तपन सिंघेल का प्रतिपादन; ‘आईएमडीआर’ का 51वां दीक्षांत समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न

समस्या सुलझाने की क्षमता ही भविष्य की असली ताकत

समस्या सुलझाने की क्षमता ही भविष्य की असली ताकत

डॉ. तपन सिंघेल का प्रतिपादन; ‘आईएमडीआर’ का 51वां दीक्षांत समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न

रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता

स्थान:पुणे,महाराष्ट्र

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक के इस दौर में बहुराष्ट्रीय कंपनियों में पारंपरिक एंट्री-लेवल नौकरियां कम होती जा रही हैं, लेकिन नवाचार, कौशल और समस्या सुलझाने की क्षमता रखने वाले युवाओं के लिए उच्च वेतन वाली असीमित संभावनाएं उपलब्ध हैं। यह विचार बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तपन सिंघेल ने व्यक्त किए।

वे डेक्कन एजुकेशन सोसायटी (डीईएस) द्वारा संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट डेवलपमेंट एंड रिसर्च (आईएमडीआर) के 51वें दीक्षांत समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।

इस अवसर पर आईएमडीआर के प्रबंधन मंडल के अध्यक्ष जगदीश कदम, डीईएस के कार्यवाह डॉ. आनंद काटीकर, निदेशिका डॉ. शिखा जैन, प्राध्यापकगण, कर्मचारी, अभिभावक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाणपत्र एवं विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही ‘अन्वेष–इनnovation टू इम्पैक्ट’ पुस्तक का विमोचन तथा ‘पीच परफेक्ट’ स्टार्टअप प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

डॉ. तपन सिंघेल ने कहा कि भविष्य में केवल एक प्रतिशत स्टार्टअप ही यूनिकॉर्न बन पाएंगे, इसलिए करियर में समस्या सुलझाने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण है। आज एक व्यक्ति भी अकेले कंपनी खड़ी कर करोड़ों रुपये कमा सकता है। अवसर मिलने पर उसे हाथ से जाने न दें। शिक्षा केवल बुद्धि का प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि अलग तरीके से सोचने की शक्ति देती है। असफलता से डरने के बजाय नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें और नौकरी व व्यवसाय की अपेक्षाओं को समझें, तभी आनंदमय जीवन संभव है।

प्रस्तावना में डॉ. शिखा जैन ने कहा कि आईएमडीआर का 51वां दीक्षांत समारोह संस्था की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। पुणे के पहले बिजनेस स्कूल के रूप में आईएमडीआर की पहचान है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पीजीडीएम पाठ्यक्रम की रचना की गई है। उद्योग जगत के साथ समझौते, शोध पर विशेष जोर तथा विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट शैक्षणिक व आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

 

डॉ. तपन सिंघेल के साथ विद्यार्थियों का प्रश्नोत्तर सत्र भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। क्वांटम मैकेनिक्स, टॉक्सिक वर्क कल्चर, बॉन्ड श्योरिटी, शोध से इंश्योरेंस उद्योग तक का सफर और बीमा क्षेत्र का भविष्य जैसे विषयों पर उन्होंने बेबाकी से उत्तर दिए। प्रश्न पूछने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को पुस्तक खरीदने के लिए कूपन देकर प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में जगदीश कदम और डॉ. आनंद काटीकर ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पुरस्कारों की घोषणा डॉ. गोपा दास ने की। आभार प्रदर्शन डॉ. सोनाली खुर्जेकर ने किया, जबकि संचालन डॉ. पृथा उबगडे ने किया। कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने परिश्रम किया।

प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान

समारोह में विभिन्न श्रेणियों के मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

‘जयदीप शिवदासानी ट्रॉफी’ (श्रेष्ठ खिलाड़ी – पीजीडीएम बैच): रौनक राठी

‘जयदीप शिवदासानी ट्रॉफी’ (पीजीडीएम समग्र प्रदर्शन): ओम वैद्य

‘स्व. अर्जुन सिंह गांधी ट्रॉफी’ (कलात्मक उत्कृष्टता): ईशा जोगळेकर

‘विजय हथीरामानी यंग प्रोफेशनल प्राइज’: स्वानंदी भानोसे

‘विजय हथीरामानी करंडक’ (समग्र उत्कृष्टता): अक्षय भोसले

‘चेतन शहा ट्रॉफी’: शांभवी रघुवंशी

‘मलिना रॉय पुरस्कार’: समृद्धि गाडे

स्वर्ण पदक: वैष्णवी दैठणकर

रजत पदक: श्रेय शेवाळे

‘ब्रिगेडियर एन. बी. ग्रांट पुरस्कार’: प्रतीक्षा पाटील

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button