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संकल्प से समाधान शिविर के आवेदनों का निराकरण करें – कमिश्नर

संकल्प से समाधान शिविर के आवेदनों का निराकरण करें – कमिश्नर

रिपोर्ट:  विशाल समाचार संवाददाता

स्थान:रीवा, मध्य प्रदेश

रीवा . कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि सभी अधिकारी संकल्प से समाधान अभियान में प्राप्त विभागीय आवेदन पत्रों के निराकरण के विशेष प्रयास करें। सभी आवेदन पत्रों का निराकरण सुनिश्चित करें। सभी संभागीय नोडल अधिकारी नियमित रूप से शिविरों की निगरानी करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मैहर तथा मऊगंज जिले में आवेदन पत्रों की संख्या अन्य जिलों की तुलना में कम है। इन जिलों में शिविरों का प्रभावी आयोजन कराएं। क्लस्टर स्तर पर आवेदन पत्रों के निराकरण के लिए लगाए जाने वाले शिविरों में अधिकतम 30 पंचायतें ही शामिल करें। इन शिविरों के माध्यम से शासन की सभी प्रमुख योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराएं। शिविरों के दिन और स्थल का भी व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। संभागीय अधिकारी प्रत्येक जिले में अभियान के दौरान दर्ज विभाग से जुड़े आवेदन पत्रों के निराकरण की समीक्षा करें। राजस्व, श्रम, सामाजिक न्याय, ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा ऊर्जा विभाग में बड़ी संख्या में आवेदन पत्र लंबित हैं। इनका निराकरण कराएं। बैठक में समाजसेवी संस्था फेम द्वारा आकस्मिक हार्टअटैक पीड़ित की जान बचाने के लिए सीपीआर (कृत्रिम सांस और धड़कन को चलाने के लिए कृत्रिम उपाय) का प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. प्रतिभा चतुर्वेदी ने सीपीआर की विधि और उपयोगिता की विस्तार से जानकारी दी।

कमिश्नर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में लंबित आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आवेदन पत्रों के नॉन अटेंडेड रहने पर जिले और विभाग की रैंकिंग प्रभावित होती है। आवेदन पत्रों में समय पर कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करें। सीएम हेल्पलाइन में सौ दिन से अधिक समय से लंबित आवेदन पत्रों का 15 मार्च तक शत-प्रतिशत निराकरण कर दें। राजस्व, खाद्य, पीएचई, शिक्षा, श्रम, ग्रामीण विकास विभाग, ऊर्जा, नगरीय निकाय, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग आवेदन पत्रों के निराकरण में विशेष ध्यान दें। समाधान ऑनलाइन के एजेण्डा बिन्दुओं में लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का तत्परता से निराकरण करें।

कमिश्नर ने कहा कि यूरिया खाद की रैक लगातार प्राप्त हो रही है। इसका ई टोकन के माध्यम से व्यवस्थित वितरण कराएं। इस सप्ताह भी रीवा और सीधी में खाद की रैक आएगी। खाद के अग्रिम भण्डारण के लिए भी समितियों के पास पर्याप्त खाद उपलब्ध कराएं। कमिश्नर्स-कलेक्टर्स कान्फ्रेंस के एजेण्डा बिन्दुओं पर तत्परता से कार्यवाही करें। शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग तथा पशुपालन विभाग अपने मैदानी अमले को सक्रिय करके विभाग की उपलब्धियों को बेहतर करें। महिलाओं तथा शिशुओं की स्वास्थ्य रक्षा, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के पंजीयन तथा समय पर जाँच एवं कुपोषण पर नियंत्रण के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग मिलकर प्रयास करें। विभागीय योजनाओं में समन्वय के लिए संभाग, जिला और विकासखण्ड स्तर पर संयुक्त बैठकें आयोजित करें।

कमिश्नर ने कहा कि वर्तमान वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। संयुक्त संचालक कृषि संभाग के सभी जिलों की वार्षिक कार्ययोजना सात दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करें। इसमें प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने, नरवाई प्रबंधन, फसल विविधीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, फूलों तथा फलों की खेती को बढ़ावा देने एवं जैविक कीट नियंत्रण को शामिल करें। कार्ययोजना के अनुसार सभी जिलों में नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित कराएं। किसान की आय में वृद्धि के लिए समन्वित खेती तथा पशुपालन और मछलीपालन को शामिल कराएं। युवाओं को रोजगार का अवसर देने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। सभी अधिकारी ई ऑफिस व्यवस्था के माध्यम से ही फाइलों का मूवमेंट करें। मैहर, मऊगंज, सतना और सीधी के जिलाधिकारियों को ई ऑफिस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सचेत करें। बैठक में कमिश्नर ने पेयजल व्यवस्था, उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न वितरण तथा बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, उपायुक्त राजस्व एलएल अहिरवार, प्रभारी वन मण्डलाधिकारी नितेन्द्र खण्डेलवाल तथा अन्य संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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