
संभागीय बैठक में दिया गया सीपीआर का प्रशिक्षण
सीपीआर का सही उपयोग किसी की जान बचा सकता है – कमिश्नर
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान:रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि हार्ट के अचानक काम करना बंद कर देने के कारण व्यक्ति अचेत हो जाता है। ऐसी स्थिति में सीपीआर की तत्काल सहायता मिलने पर उसके प्राण बचाए जा सकते हैं। हर व्यक्ति को कृत्रिम सांस और हृदय को पुन: शुरू करने की तकनीक सीपीआर की पूरी जानकारी और उपयोग करने की विधि मालूम रहनी चाहिए। आपकी जानकारी और तत्परता से किया गया सीपीआर किसी की जान बचा सकता है। हर व्यक्ति को सीपीआर प्रशिक्षण लेकर उसका आवश्यता होने पर उपयोग करना चाहिए। स्वयंसेवी संस्था फेम ने सीपीआर की जानकारी देकर सराहनीय कार्य किया है।
बैठक में फेम संस्था की प्रशिक्षक डॉ. प्रतिभा चतुर्वेदी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक हार्टअटैक होता है तो एंबुलेंस अथवा अन्य मेडिकल सुविधा उपलब्ध होने तक उसकी जान बचाने के प्रयास करने चाहिए। हार्टअटैक होने से पाँच मिनट के भीतर सीपीआर की सुविधा मिलने से पीड़ित व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। यदि किसी व्यक्ति को हार्टअटैक होता है और उसका शरीर शिथिल पड़ जाए तो उसे जमीन पर खुले में सीधा लिटायें। उसके कंधों को थपथपाकर सांस चलने और धड़कन चलने की जाँच करें। यदि व्यक्ति बेहोश है तो उसकी सांस और धड़कन चलेगी। लेकिन हार्टअटैक में अचेत होने पर सांस और धड़कन टूट जाती है। पीड़ित व्यक्ति के सीने के मध्य भाग में दोनों हाथों से एक मिनट में सौ से 120 बार दबाना होता है। लगभग दो इंच दबाना और छोड़ना आवश्यक है। पीड़ित के सीने को 30 बार दबाने के बाद उसे दो बार नाक बंद करके मुंह से कृत्रिम सांस दें। ऐसा करने से शरीर को ऑक्सीजन मिलता है। सीने को लगातार दबाने से हृदय काम करना शुरू कर देता है। हृदय काम करना न भी शुरू करे तो भी मस्तिष्क तथा शरीर के अन्य भागों में रक्त संचार होने लगता है। इससे व्यक्ति में चेतना लौटने लगती है। हार्टअटैक के पाँच से दस मिनट के भीतर सही तरीके से सीपीआर मिलने से पीड़ित की जान बचाई जा सकती है।



