
कलेक्टर ने आकांक्षी ब्लॉक हनुमना में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का किया शुभारंभ
अभियान के दौरान तीन लाख लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: मऊगंज ,मध्य प्रदेश
मऊगंज . मऊगंज जिले के आकांक्षी ब्लॉक हनुमना में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का कलेक्टर संजय कुमार जैन ने शुभारंभ किया और मऊगंज जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के लिए 540 दलों का गठन किया गया है, जो 370 गांवों में घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाएंगे। अभियान के दौरान बाहर से आने वाले प्रवासी लोगों को भी इसके दायरे में शामिल किया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति दवा से वंचित न रहे। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम इस अभियान को सफल बनाने में जुटी हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया से बचाव के लिए 8 तरह की दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं, जिन्हें प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में आमजनों को सेवन कराया जाएगा। अभियान 10 फरवरी से शुरू हो गया है और आगामी 24 फरवरी तक घर-घर जाकर समस्त लक्षित जनसमुदाय को दवा का सेवन कराया जाएगा। इस 15 दिवसीय विशेष अभियान के दौरान लगभग तीन लाख लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य सौ प्रतिशत कवरेज के साथ फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करना है।
कलेक्टर ने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाला एक परजीवी रोग है। इसके लक्षण (पैरों या अंगों में सूजन) संक्रमण के कई सालों बाद दिखाई देते हैं। यह दवा फ़ाइलेरिया के परजीवीयो को मार देती है और हांथीपाँव व् हाइड्रोसील जैसी बीमारी से बचाने में मदद करती है। दवा पेट के अन्य खतरनाक कीड़ों को भी ख़त्म कर देती है तथा खुजली एवं जू के खात्मे में भी मदद करती है। चूंकि इस बीमारी में हाथ और पैर हाथी के पांव जितने सूज जाते हैं इसलिए इस बीमारी को हाथीपांव कहा जाता है। रोग की प्रारंभिक अवस्था मे बुखार, बदन में खुजली और पुरुषों के जननांग और उसके आस-पास दर्द व सूजन की समस्या होती है। इसके अलावा पैरों और हाथों में सूजन, हाइड्रोसिल (अंडकोषों की सूजन) भी फाइलेरिया के लक्षण हैं। कलेक्टर ने आमजन से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग कर दवाइयों का सेवन अवश्य करें और फाइलेरिया मुक्त मऊगंज के निर्माण में सहभागी बनें। फाइलेरिया से बचाव के लिए चलाए गए इस अभियान में जिला मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, राजस्व विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। सभी विभाग आपसी समन्वय से अभियान को सफल बनाएंगे। अभियान के शुभारंभ के दौरान एसडीएम हनुमना रश्मि चतुर्वेदी, डॉ. केबी गौतम, बीएमओ डॉ. नागेन्द्र मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और आमजन उपस्थित रहे।



