यात्रापूणेमहाराष्ट्र

चलो… चलो कश्मीर!” – पुणेवासियों की इंसानियत पर कश्मीर आइकॉन का भरोसा

चलो… चलो कश्मीर!” – पुणेवासियों की इंसानियत पर कश्मीर आइकॉन का भरोसा

रिपोर्ट :विशाल समाचार संवाददाता

स्थान: पुणे महाराष्ट्र

पुणे : कश्मीर और महाराष्ट्र का रिश्ता केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी अपनापन, विश्वास और सम्मान का जीवंत प्रतीक है। यह विचार कश्मीर आइकॉन संगठन ने व्यक्त किए हैं। पुणे में जारी एक बयान में कश्मीर आइकॉन ने पुणेवासियों के प्रति आभार जताते हुए कश्मीर पर्यटन के पुनरुद्धार के लिए आगे आने का भावनात्मक आह्वान किया है। इस अवसर पर कश्मीर आइकॉन के प्रबंध निदेशक नासिर शाह, निदेशक मीर अनवर, अथर यामीन और शौकत पख्तून सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

 

बयान में कहा गया है कि महाराष्ट्र ने हमेशा कश्मीरी भाइयों को खुले दिल से अपनाया है। हर वर्ष अक्टूबर से अप्रैल के बीच हजारों कश्मीरी कारीगर, व्यापारी और उद्यमी महाराष्ट्र आते हैं और यहां के सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनते हैं। यह केवल व्यापारिक संबंध नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चला आ रहा आत्मीय और भरोसेमंद रिश्ता है।

22 अप्रैल को घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को गहरा भावनात्मक और आर्थिक आघात पहुंचा है। हालांकि, ऐसे कठिन समय में महाराष्ट्र और विशेष रूप से पुणेवासियों ने हमेशा कश्मीर के साथ मजबूती से खड़े होकर संबल दिया है। इसी पृष्ठभूमि में कश्मीर एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है और इस पर्यटन पुनरागमन की अगुवाई पुणेवासियों से करने का आह्वान किया गया है।

अगर कोई और नहीं भी गया, तो पुणेवासी जरूर कश्मीर जाएंगे,” ऐसा अटूट विश्वास व्यक्त करते हुए “चलो… चलो कश्मीर!” का संदेश दिया गया। चिनार के वृक्षों की छांव, केसर की सुनहरी खेती और अतिथि देवो भवः की कश्मीर की समृद्ध परंपरा पुणेवासियों की प्रतीक्षा कर रही है, ऐसा भी कश्मीर आइकॉन ने कहा।

 

पुणेवासियों की एकता, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को सलाम करते हुए कश्मीर आइकॉन ने कश्मीर को अपना दूसरा घर मानकर एक बार फिर वहां आने का भावुक निमंत्रण दिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button