
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में जिला नियोजन समिति की बैठक संपन्न
1,032 करोड़ रुपये के प्रारूप आराखड़े को मंजूरी; 700 करोड़ अतिरिक्त निधि की मांग
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, (सोहन सिंह ): पुणे जिला वार्षिक योजना वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 1,032.88 करोड़ रुपये की वित्तीय सीमा के प्रारूप आराखड़े को जिला नियोजन समिति की बैठक में मंजूरी दी गई। इस योजना में ग्रामीण विकास, परिवहन विकास, अपारंपरिक ऊर्जा, हरित महाराष्ट्र, शहरी एवं स्वास्थ्य आधारभूत सुविधाएं, महिला एवं बाल सशक्तिकरण, गतिशील प्रशासन, कौशल आधारित रोजगार सृजन, शिक्षा के बुनियादी ढांचे और खेल व कला विकास पर विशेष जोर दिया गया है। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री तथा जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा पवार ने दी।
विधान भवन के झुंबर हॉल में आयोजित बैठक में उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मार्गदर्शन किया। बैठक में कृषि मंत्री दत्तात्रय भरने, नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। कुछ मंत्री एवं जनप्रतिनिधि ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
विभिन्न क्षेत्रों के लिए निधि का प्रावधान
उपमुख्यमंत्री पवार ने बताया कि वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित आराखड़े में —
ग्रामीण विकास के लिए 135 करोड़ रुपये
परिवहन विकास के लिए 115 करोड़ रुपये
शहरी आधारभूत सुविधाओं के लिए 116.25 करोड़ रुपये
अपारंपरिक ऊर्जा एवं ऊर्जा विकास के लिए 80 करोड़ रुपये
पर्यटन विकास के लिए 56.86 करोड़ रुपये
हरित महाराष्ट्र के लिए 40 करोड़ रुपये
स्वास्थ्य आधारभूत सुविधाओं के लिए 110.71 करोड़ रुपये
महिला एवं बाल सशक्तिकरण के लिए 29.44 करोड़ रुपये
गतिशील प्रशासन हेतु 78.50 करोड़ रुपये
कौशल आधारित रोजगार सृजन के लिए 10.5 करोड़ रुपये
शैक्षणिक आधारभूत सुविधाओं के लिए 100 करोड़ रुपये
खेल एवं कला विकास के लिए 10.1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
700 करोड़ रुपये अतिरिक्त निधि की मांग
उन्होंने बताया कि यद्यपि सरकार ने 1,032.88 करोड़ रुपये की वित्तीय सीमा तय की है, लेकिन विभिन्न विभागों से कुल 3,128 करोड़ रुपये की मांग प्राप्त हुई है। छानबीन के बाद प्राथमिकता वाले प्रकल्पों को शामिल किया जाएगा तथा 700 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि की मांग शासन से की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री पवार ने निर्देश दिया कि छोटे-छोटे कार्यों के बजाय अधिक नागरिकों को लाभ पहुंचाने वाले बड़े और प्रभावी प्रकल्पों पर ध्यान दिया जाए। अतिमागास एवं दुर्गम क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए तथा सभी परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया और क्रियान्वयन हेतु निश्चित समयसीमा का कड़ाई से पालन किया जाए।
पूर्व वर्ष की योजनाओं की समीक्षा
बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत 1,589.46 करोड़ रुपये के नियोजित व्यय की समीक्षा की गई। इसमें सामान्य योजना के 1,379 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति उपयोजना के 145 करोड़ रुपये तथा आदिवासी घटक कार्यक्रम के 65.46 करोड़ रुपये शामिल हैं। निधि का समयबद्ध और योजनाबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा निर्धारित अनुशासन, गुणवत्ता और समयसीमा के सिद्धांतों के अनुरूप प्रकल्पों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करना सभी की जिम्मेदारी है। अप्रैल माह में प्रत्यक्ष उपस्थिति में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वर्ष 2025-26 के खर्च का विवरण दिया तथा वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित आराखड़े में कृषि विकास दर और प्रति व्यक्ति कृषि आय बढ़ाने के लिए कृषि से जुड़े पूरक क्षेत्रों, जलसंवर्धन, मृदसंवर्धन तथा भूजल स्तर बढ़ाने के उपायों पर विशेष जोर देने की जानकारी दी।
बैठक में उपस्थित मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने विभिन्न विकास कार्यों को लेकर सुझाव प्रस्तुत किए।

