तांडा से अंतरिक्ष तक : ग्रामीण छात्रों के सपनों को शासन का सहारा: – अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे
रिपोर्ट :विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: मुंबई महाराष्ट्र
मुंबई, : अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग द्वारा संचालित “विज्ञान प्रेरणा अभियान” के अंतर्गत ‘विजाभज’ आश्रमशालाओं के 100 मेधावी छात्रों के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में 15 से 20 फरवरी 2026 के दौरान विशेष शैक्षणिक विज्ञान सहल का आयोजन किया गया है। इसकी जानकारी विभाग के मंत्री अतुल सावे ने दी।
मंत्री सावे ने बताया कि ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के छात्रों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, अनुसंधान की प्रवृत्ति तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इस युग में अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ ग्रामीण विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह विशेष पहल शुरू की गई है।
राज्य की विभिन्न ‘विजाभज’ आश्रमशालाओं से गुणवत्ता परीक्षा के माध्यम से चयनित 100 छात्र इसरो का शैक्षणिक दौरा करेंगे। इस दौरान उन्हें उपग्रह निर्माण, प्रक्षेपण तकनीक तथा अंतरिक्ष अनुसंधान परियोजनाओं की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही विज्ञान कार्यशालाओं एवं वैज्ञानिकों से संवाद के माध्यम से अनुभव आधारित शिक्षण का अवसर भी मिलेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की वैज्ञानिक संस्थाओं से जोड़ना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक करना है।
इस सहल के दौरान छात्रों की हवाई यात्रा की व्यवस्था की गई है। उनके सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित प्रवास हेतु उत्कृष्ट आवास एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विभाग द्वारा इस प्रकार की पहल पहली बार की जा रही है।
980 स्कूलों से चुने गए 100 मेधावी छात्र
राज्य की 980 ‘विजाभज’ आश्रमशालाओं से कक्षा 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थियों की गुणवत्ता परीक्षा आयोजित कर 50 छात्र एवं 50 छात्राओं सहित कुल 100 विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
दौरे का कार्यक्रम
छात्र 15 से 20 फरवरी के दौरान पुणे, बेंगलुरु, तिरुवनंतपुरम तथा कन्याकुमारी के विभिन्न वैज्ञानिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे।
15 फरवरी : पिंपरी-चिंचवड़ साइंस पार्क एवं नेशनल वॉर मेमोरियल, पुणे
16 फरवरी : भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान पुणे में विज्ञान कार्यशाला एवं वैज्ञानिकों से संवाद
17 फरवरी : बेंगलुरु स्थित विश्वेश्वरय्या औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी संग्रहालय, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स विरासत केंद्र तथा लालबाग वनस्पति उद्यान
18 फरवरी : तिरुवनंतपुरम (थुंबा) स्थित इसरो केंद्र में उपग्रह प्रदर्शनी एवं प्रक्षेपण तकनीक गैलरी का अवलोकन
19 फरवरी : कन्याकुमारी में पद्मनाभपुरम महल, विवेकानंद शिला स्मारक, तिरुवल्लुवर प्रतिमा एवं गांधी स्मारक का भ्रमण
यह पहल ग्रामीण छात्रों को विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


