
एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, पुणे द्वारा १५वी ‘भारतीय छात्र संसद’ एमआईटी डब्ल्यूपीयू में २१ ते २३ फरवरी दरमियान होगा आयोजन
रिपोर्ट :विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे: एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे और एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय १५ वीं भारतीय छात्र संसद २१ से २३ फरवरी २०२६ तक कोथरूड स्थित एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के विवेकानंद सभामंडप में होगा. यह जानकारी एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. आर.एम.चिटणीस ने पत्रकार परिषद में दी.
इस मौके पर यूनिवर्सिटी के सीएओ डाॅ. प्रसाद खांडेकर, एसओजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. परिमल माया सुधाकर, प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. अभिजीत ढेरे और विद्यार्थी प्रतिनिधी मौजूद थे.
१५वीं भारतीय छात्र संसद का उद्घाटन शनिवार २१ फरवरी की शाम ४.३० बजे होगा. सीनियर जर्नलिस्ट और लेखक पद्मश्री राजदीप सरदेसाई और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा राज्यसभा के सांसद दिग्विजय सिंह, पूर्व राज्यसभा सदस्य श्री. शाहिद सिद्दिकी इस मौके पर मुख्य अतिथि के रुप में मौजूद रहेंगे. एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो.डॉ विश्वनाथ द कराड इस कार्यक्रम की अध्यक्षता निभाएंगे.
साथ ही सोमवार २३ फरवरी को शाम ४.३० बजे होने वाले समापन समारोह में लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और सांसद डॉ. संदीप कुमार पाठक, मौजूद रहेंगे.
छात्र संसद के उद्घाटन तथा समापन के अलावा चार सेशन का आयोजन किया गया है.
जिसमें सेशन १: डेमोक्रेसी,सेशन २: लीडरशिप,सेशन ३: गवर्नेंस,सेशन ४: पब्लिक पॉलिसी
इस साल से, भारतीय छात्र संसद मेंं हिस्सा लेने वाले छात्रों को अपने नेतृत्व गुणों को बढावा देने का एक शानदार मौका दिया जाएगा. यूनिवर्सिटी के १०० क्लास रूम में ३ दिनों में कुल ४०० एक्सपर्टस ऊपर बताए गए विषयों पर अपने विचार पेश करेंगे. साथ ही हर क्लास में ५-५ छात्रों को बोलने का मौका दिया जाएगा.
तीन दिन की १५वीं भारतीय छात्र संसद में पॉलिटिक्स, समाजसेवी, मीडिया, कलाकार और इंडस्ट्री क्षेत्र से जूडे कई जाने माने लोग शामिल होंगे.
इसी तरह, २२ फरवरी २०२६ को एक डिबेट कॉम्पिटिशन भी होगा. इसके तहत ५-५ छात्रों की दो टीमें (कुल २० पार्टिसिपेंट्स और ४ टीमें) दो टॉपिक्स पर बोलेंगे. जिसमें इंडिया का एग्जाम सेंट्रिक एजुकेशन सिस्टम क्रिएटिविटी को लिमिट करता है और ५० प्रतिशत से ज्यादा रिजर्वेशन इक्वालिटी को कमजोर करता है.
इस साल एमआयटी डब्ल्यूपीयू के कैम्पस में पृथ्वी ग्लोब से लेकर चाणक्य बिल्डिंग तक पवेलियन का नया कॉन्सेप्ट लाया जा रहा है. देश ने आजादी के ७५ साल पूरे कर लिए है. इस मौके पर इस एग्जिबिशन में पिछले ७५ सालों में हुई तरक्की का ग्राफ और रिव्यू दिखाया जाएगा. यह एग्जिबिशन यूनिवर्सिटी के अलग अलग स्कूलों और डिपार्टमेंट के जरिए दिखाई जाएगा.
१५ भारतीय छात्र संसद का मुख्य मकसद डेमोक्रेटिक वैल्यूज, कॉन्स्टिट्यूशनल प्रिंसिपल्स और एथिकल और पब्लिक लीडरशिप को बढ़ावा देना, गवर्नेंस स्ट्रक्चर्स और पब्लिक पॉलिसी प्रोसेस के बारे मेें अवेयरनेस बढाना, जिससे स्टूडेंटस को एजुकेशनल, एडमिनिस्ट्रेटिव और पॉलिसी प्रैक्टिस में नजरिए से इंट्रोड्यूस कराना, सोशल चैलेंजेस और गवर्नेंस इश्यू जपर इनफॉर्म्ड डिस्कशन को बढावा देना, स्टूडेंट्स के बीच एनालिटिकल थिंकिंग, सिविक रिस्पॉन्सिबिलिटी और पार्टिसिपेटरी लीडरशिप को मजबूत करना और एक्सपीरियंशियल और डिस्कशन बेस्ड लर्निंग के जरिए थेरी और प्रैक्टिस को जोडना है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस छात्र संसद के पेट्राॅन हैं. साथ ही विश्व विख्यात वैज्ञानिक पद्म विभूषण डॉ. रघुनाथ माशेलकर, विश्वधर्मी प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड, अनु आगा, अभय फिरोदिया, लोबसांग सांगे, जस्टिस एन. संतोष हेगडे, डॉ. विजय भटकर और नानिक रुपानी इस छात्र संसद के मेंटाॅर हैं.
भारतीय छात्र संसद, केंद्रीय खेल और युवा कल्याण मंत्रालय, महाराष्ट्र राज्य के हायर और टेक्निकल एजुकेशन मंत्रालय, महाराष्ट्र राज्य के खेल और युवा कल्याण मंत्रालय और ह्यूमन राइटस, डेमोक्रेसी, पीस और टॉलरेंस के लिए यूनेस्को चेयर के सहयोग से हो रही है. साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरु युवा केंद्र भी इस इवेंट में एक्टिव रुप से हिस्सा ले रहे हैं.
यह पार्लियामेंट नेशनल टीचर्स कांग्रेस फाउंडेशन, नेशनल विमेंस पार्लियामेंट, सरपंच संसद और भारत अस्मिता नेशनल अवॉर्ड, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के सहयोग से होगी और कई नेशनल ऑर्गनाइजेशन ने भी इस स्टूडेंट पार्लियामेंट को सपोर्ट किया है.
अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट www.bharatiyachhatrasansad.org पर जाएं, साथ ही ज्यादा से ज्यादा छात्र इसमें हिस्सा लेने के लिए रजिस्टर करें.

