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दलालों से मुक्त हुआ सदर अस्पताल, सीतामढ़ी

दलालों से मुक्त हुआ सदर अस्पताल, सीतामढ़ी

ट्रॉली मैन की व्यवस्था एवं अटेंडेंट के लिए ठहरने की समुचित सुविधा सुनिश्चित

रिपोर्ट :विशाल समाचार संवाददाता

स्थान:सीतामढ़ी बिहार

जिलाधिकारी श्री रिची पांडे के निर्देश के आलोक में सदर अस्पताल सीतामढ़ी में चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पिछले 15–20 दिनों से अस्पताल प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर अस्पताल परिसर को दलालों से मुक्त करने की दिशा में सख्त कार्रवाई की गई है।

 

अस्पताल परिसर में दलालों की सक्रियता के कारण मरीजों को अनावश्यक परेशानियों एवं आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ता था, जिससे चिकित्सा व्यवस्था भी प्रभावित होती थी। जिलाधिकारी द्वारा इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था को समाप्त किया जाए तथा मरीजों को सीधे और पारदर्शी तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

दलालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई

अस्पताल प्रबंधन द्वारा निगरानी बढ़ाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाई गई तथा दलालों को अस्पताल परिसर से बाहर किया गया।

नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो।

(ट्रॉली मैन की नियुक्ति)

जिलाधिकारी के निर्देश पर अस्पताल में ट्रॉली मैन की व्यवस्था की गई है। अब अस्पताल आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर/ट्रॉली के माध्यम से संबंधित वार्ड, जांच कक्ष अथवा आपातकालीन कक्ष तक व्यवस्थित रूप से पहुंचाया जा रहा है। इससे मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सहूलियत मिल रही है तथा आपात स्थिति में त्वरित उपचार सुनिश्चित हो पा रहा है।

(अटेंडेंट के लिए ठहरने की व्यवस्था)

मरीजों के साथ आने वाले अटेंडेंट को ध्यान में रखते हुए पुराने प्रतीक्षालय को व्यवस्थित कर उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही स्वच्छ पेयजल एवं सुलभ शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस पहल से दूर-दराज से आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को विशेष राहत मिली है।

 

जिलाधिकारी श्री रिची पांडे ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाएं आमजन का अधिकार हैं और उन्हें सम्मानजनक, पारदर्शी एवं सुलभ वातावरण में उपचार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, बिचौलिया प्रथा या मरीजों के शोषण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी के सक्रिय नेतृत्व, नियमित निरीक्षण एवं सतत मॉनिटरिंग के कारण ही यह सुधारात्मक पहल संभव हो सकी है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया है कि सेवा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, साफ-सफाई, अनुशासन एवं मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आने वाले दिनों में मरीजों की सुविधा के लिए और भी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि सदर अस्पताल सीतामढ़ी एक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं भरोसेमंद चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित हो सके।

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