
बार्टी में शिवजयंती उत्साह के साथ मनाई गई
प्रजा के कल्याण के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज का कार्य अनुकरणीय — डॉ. प्रकाश पांढरमिसे
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे :छत्रपति शिवाजी महाराज ने विभिन्न जातियों एवं धर्मों के मावलों को साथ लेकर स्वराज्य की स्थापना की। उन्होंने सभी धर्मों एवं समाज के लोगों का सम्मान करते हुए अपनी प्रजा की देखभाल संतान के समान की। प्रजा के कल्याण के लिए उन्होंने अनेक लोकहितकारी कार्य किए। वहीं डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश की जनता को संवैधानिक न्याय प्रदान किया। शिवराय और भीमराय दोनों ने ही जनकल्याण के लिए दूरदृष्टि के साथ कार्य किया तथा सामाजिक समता की जो विरासत उन्होंने दी है, उसे आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। यह प्रतिपादन इतिहास शोधकर्ता डॉ. प्रकाश पांढरमिसे ने किया।
वे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (बार्टी) मुख्यालय में आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग प्रमुख रविंद्र कदम ने की। इस अवसर पर विभाग प्रमुख श्रीमती शुभांगी पाटील, डॉ. बबन जोगदंड, परियोजना प्रबंधक सुमेध थोरात, डॉ. सारिका थोरात, महेश गवई, आरती जाधव, शुभांगी सुतार सहित बार्टी संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मान्यवरों द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। प्रस्तावना विस्तार एवं सेवा विभाग के विभाग प्रमुख डॉ. बबन जोगदंड ने प्रस्तुत की।
अपने संबोधन में डॉ. पांढरमिसे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने प्रजा का राज्य स्थापित किया। उनके कार्यों को स्मरण करते हुए हमें उनके विचारों को अपने आचरण में उतारना चाहिए। समाज के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए कार्य करना आवश्यक है, क्योंकि महापुरुषों ने मानव कल्याण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।

बार्टी के महासंचालक सुनील वारे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन रामदास लोखंडे ने किया। प्रारंभ में अमीर मुलानी ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बार्टी के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


