प्रशासनबिहारसीतामढ़ी

सीतामढ़ी में PCPNDT अधिनियम पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

लिंग परीक्षण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश, नियम उल्लंघन पर पंजीकरण रद्द करने की चेतावनी

सीतामढ़ी में PCPNDT अधिनियम पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

लिंग परीक्षण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश, नियम उल्लंघन पर पंजीकरण रद्द करने की चेतावनी

रिपोर्ट: विशाल समाचार

स्थान:सीतामढ़ी बिहार

जिला प्रशासन, सीतामढ़ी एवं महिला एवं बाल विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत प्री-कंसेप्शन एवं प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (PCPNDT) अधिनियम पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने की।

कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि लिंग निर्धारण एवं भ्रूण हत्या जैसे अवैध एवं अमानवीय कृत्यों में किसी भी प्रकार की संलिप्तता पूर्णतः अस्वीकार्य है। जिले में लिंगानुपात को संतुलित एवं सुधारना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र में लिंग परीक्षण अथवा भ्रूण हत्या जैसे कृत्य में संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित केंद्र का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध करावास एवं आर्थिक दंड सहित विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसे न केवल कानून का उल्लंघन, बल्कि मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध बताया गया।

जिला पदाधिकारी ने तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में वे स्वयं स्थल पर उपस्थित होकर जांच सुनिश्चित करें। साथ ही प्रत्येक केंद्र में प्रति माह किए जाने वाले अल्ट्रासाउंड की संख्या की जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। मातृत्व पंजी के नियमित संधारण की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं एएनएम को सुनिश्चित करने को कहा गया। सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को भी नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में लिंगानुपात में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना की गई तथा परिवार नियोजन के महत्व पर विशेष बल दिया गया।

 

कार्यशाला में डीपीओ (आईसीडीएस) श्रीमती निशि कांत ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य PCPNDT अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना एवं जिले में संतुलित लिंगानुपात सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डॉ. रविन्द्र कुमार यादव, सुधा झा, डीपीएम एजाजुल अंसारी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक मुकेश कुमार झा, यूनिसेफ के राज्य प्रतिनिधि सुधाकर, यूनिसेफ उड़ान परियोजना एवं प्रथम संस्था के जिला समन्वयक सुधीर कुमार, केंद्र प्रशासक शबनम कुमारी, डीएमसी देवजीत चक्रवर्ती, अदिति की निदेशक परिणीता कुमारी, माधुरी, बीआईएजी के गौरव श्रीवास्तव, पिरामल के प्रतिनिधि अभिषेक एवं विकास कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button