
क्लासिक फियाट कारों की रैली, महाबलेश्वर की ओर!
फियाट क्लासिक कार क्लब ऑफ इंडिया द्वारा पुणे से महाबलेश्वर रैली; खूबसूरत कारों ने खींचा ध्यान
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे: पीढ़ियों से संजोई गई, चमचमाती क्रोम की किनारे वाली, गोलाकार बॉडी वाली सुंदर कारें, शांत लेकिन दमदार आवाज वाले इंजन, हल्का स्टीयरिंग, हैंड गियर, क्लासिक ग्रिल, चमकदार हेडलाइट्स – ऐसे फियाट कारों का क्लासिक जलवा देखकर पुणेवासी खुश हुए। ‘क्लासिक फियाट की रैली, महाबलेश्वर की ओर’ के मुताबिक फियाट कारों का जुलूस शहर से महाबलेश्वर की ओर रवाना हुआ। इस रैली में 1955 से लेकर विभिन्न रंगों की 20 से अधिक क्लासिक कारों ने भाग लिया।
फियाट क्लासिक कार क्लब ऑफ इंडिया द्वारा यह रैली शनिवार को आयोजित की गई थी। पुणे से महाबलेश्वर के प्राकृतिक मार्ग पर पुराने समय की संजोई हुई फियाट कारों का जुलूस रस्ते पर गुजरते हुए नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना। प्रतिभागी ड्राइवर्स ने अपनी कारों की मूल संरचना और विशेषताओं को बरकरार रखा, जिससे ऑटोमोबाइल प्रेमियों को सीधे ऐतिहासिक वाहन संस्कृति का अनुभव मिला। मार्ग में कई जगह लोगों ने इन कारों की तस्वीरें खींचीं और प्रतिभागियों की सराहना की।

इस मौके पर आयोजक संजय प्रकाश ढेरे ने कहा, “क्लासिक वाहनों की विरासत को संजोना और युवा पीढ़ी को इन कारों के प्रति आकर्षित करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। ऐसी रैलियों से वाहन प्रेमी एकत्र आते हैं और ऐतिहासिक वाहन संस्कृति जीवित रहती है। 1955 से लेकर विभिन्न मॉडल की फियाट कारों के साथ हम यह क्लब चलाते हैं। काले, नीले, लाल, सफेद, हरे रंग की विंटेज कारों के साथ हम महाबलेश्वर, गोवा, मुंबई, बेंगलुरु, कन्याकुमारी जैसे विभिन्न स्थानों की यात्राएं करते हैं।”
ढेरे ने भावुकता व्यक्त करते हुए कहा, “मेरे पिता की यह कार है, इसलिए मुझसे इसका एक भावनात्मक बंधन है। इसे चलाते समय मुझे अपने पिता का साथ महसूस होता है।”
शीतल सोनकांबले ने कहा, “मेरे पास 1991 की फियाट कार है। यह कार हमारे परिवार के लिए केवल वाहन नहीं, बल्कि यादों का खजाना है। वर्षों से इसे संजोकर रखा गया है और रैली में भाग लेकर हमें इसका असली आनंद मिलता है। लोगों की उत्सुक नजरें और प्रशंसा हमारे लिए सबसे बड़ा इनाम हैं।”
