
भारत-पाक सीमा पर जम्मू-कश्मीर के पुंछ में स्थापित होगी छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारूढ़ प्रतिमा
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
शिवस्वराज्य यात्रा की शुरुआत ग्रंथदिंडी से होगी; ‘हम पुणेकर’ संस्था का स्मारक हेतु पहल – महाराष्ट्र के किलों की मिट्टी और जल ले जाया जाएगा
पुणे : छत्रपति शिवाजी महाराज का कार्य, शौर्य और कीर्ति विश्वविख्यात है। ऐसे में उनकी अश्वारूढ़ प्रतिमा भारतीय जवानों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी। ‘हम पुणेकर’ संस्था की ओर से पुंछ स्थित 9 मराठा रेजिमेंट परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस प्रतिमा का उद्घाटन मार्च माह के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। यह जानकारी संस्था के अध्यक्ष हेमंत जाधव ने पत्रकार परिषद में दी।
पत्रकार परिषद में संस्था के विश्वस्त अखिल झांजले, विपुल कांबले, अधिवक्ता मिलिंद पवार, अभयराज शिरोळे, श्याम दौडकर तथा वरिष्ठ शिल्पकार विवेक खटावकर उपस्थित रहे।
यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में महाराष्ट्र के 11 किलों का समावेश है। इनमें साल्हेर, शिवनेरी, लोहगढ़, रायगढ़, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला, विजयदुर्ग, सिंधुदुर्ग, खांदेरी, राजगढ़, प्रतापगढ़ तथा तमिलनाडु का जिंजी किला शामिल हैं। स्मारक के भूमिपूजन हेतु महाराष्ट्र के इन किलों की मिट्टी एवं जल पुंछ ले जाया जाएगा।
संस्था के विश्वस्त संदीप मते ने बताया कि गुरुवार, 26 फरवरी को मुंबई से शिवस्वराज्य यात्रा का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं सुनेत्रा पवार के हस्ते प्रतिमा का पूजन किया जाएगा। इसके पश्चात दादर स्थित स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक में सावरकर पुण्यतिथि के अवसर पर रथयात्रा का स्वागत किया जाएगा।
यात्रा मुंबई से प्रारंभ होकर बड़ौदा, अहमदाबाद, उदयपुर, जयपुर, नई दिल्ली, पठानकोट एवं जम्मू के राजभवनों से होते हुए अंततः पुंछ पहुंचेगी, जहां स्मारक का उद्घाटन किया जाएगा।
इस उपक्रम में श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल संचालित श्री शिवशंभू विचार मंच का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है। प्रतिमा का निर्माण पुणे के प्रसिद्ध शिल्पकार विवेक खटावकर के पुत्र विपुल एवं विराज खटावकर द्वारा किया गया है। खटावकर परिवार की यह तीसरी पीढ़ी शिल्पकला से जुड़ी हुई है।
उल्लेखनीय है कि नवंबर 2023 में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में भी ‘हम पुणेकर’ संस्था द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थापित की गई थी। उस अवसर पर सुधीर मुनगंटीवार एवं मनोज सिन्हा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे थे।

