प्रदेशीय मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल अब बनेंगे अध्यापन संस्थान
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:मुंबई महाराष्ट्र
मुंबई, : महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए येरवडा (पुणे), ठाणे, रत्नागिरी और नागपुर स्थित प्रदेशीय मानसिक स्वास्थ्य अस्पतालों को अब अध्यापन संस्थानों (Teaching Institutes) में परिवर्तित करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह निर्णय केवल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उपचार, शोध और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। इससे समाज के वंचित वर्गों तक अधिक सुलभ और आधुनिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी।
राज्य में इन चारों अस्पतालों में लगभग 5700 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है, जहां अब तक बाह्य एवं आंतरिक रोगियों को उपचार सेवाएं दी जा रही हैं। इस आधारभूत संरचना का उपयोग अब शिक्षण और शोध कार्यों के लिए भी किया जाएगा।
केंद्र सरकार की मानसिक स्वास्थ्य मानव संसाधन विकास योजना के अंतर्गत यह पहल मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों, मनोवैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की कमी को दूर करने में सहायक होगी।
राज्य शासन द्वारा वर्ष 2019 में स्वीकृत विभिन्न पाठ्यक्रमों में एम.डी. साइकियाट्री, एम.फिल क्लिनिकल साइकोलॉजी, एम.फिल साइकियाट्रिक सोशल वर्क तथा डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक नर्सिंग शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम येरवडा, ठाणे और नागपुर में संचालित किए जा रहे हैं।
नागपुर में वर्ष 2022-23 से एम.डी. साइकियाट्री पाठ्यक्रम शुरू किया गया है, जबकि ठाणे और पुणे में साइकियाट्रिक नर्सिंग डिप्लोमा सफलतापूर्वक चल रहा है, जिससे अब तक दर्जनों विद्यार्थी प्रशिक्षित हो चुके हैं।
इस निर्णय से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों तक विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार होने की उम्मीद है। राज्य सरकार का यह कदम स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी पहल माना जा रहा है।


