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छात्रों को जॉब के पीछे भागने के बजाय एम्प्लॉयमेंट बनाए

छात्रों को जॉब के पीछे भागने के बजाय एम्प्लॉयमेंट बनाए

डॉ. राजेंद्र जगदाले की राय : आइएसबीएम कॉलेज में चौथे इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन

रिपोर्ट : विशाल समाचार

स्थान: पुणे महाराष्ट्र

पुणे: ” उच्च शिक्षित छात्रों को जॉब के पीछे भागने के बजाय एम्प्लॉयमेंट बनाना चाहिए. उन्हे क्रिएटिविटी के दम पर स्टार्टअप्स की तरफ रुख करना चाहिए. सेमीकंडक्टर, हाइड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे टॉपिक पर कटिंग एज नॉलेज हासिल करना जरुरी है. यह भारत सरकार के साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क्स के डायरेक्टर जनरल डॉ. राजेंद्र जगदाले की राय थी. उन्होने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद किसी भी काम को बेहतरीन तरीके से करना चाहिए, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो इसके लिए आप खुद जिम्मेदार होंगे.

वे आइएसबीएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नांदे के इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित इमर्जिंग ट्रेंडस एंड टेक्नोलॉजी पर तीन दिन के इंटरनेशनल कॉन्फे्रंस के इनॉगरेशन में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में बोल रहे थे.

इस मौके पर भोपाल यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर डॉ. नवीन कुमार अग्रवाल, इंडियन सोसाइटी ऑफ टेक्निकल एजुकेशन महाराष्ट्र एंड गोवा के एग्जीक्यूटिव मेंबर डॉ. अशोक मोरे सन्माननीय अतिथि के रुप में मौजूद थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता आइबीएम के डिलीवरी प्रोजेक्ट एक्झिक्युटिव नीरज कुमार ने निभाई.

आइएसबीएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार, एकेडमिक डीन डॉ. ए.एम.सपकाल, परिषदके मुख्य समन्वयक प्रो. सीताराम लोंगाणी और प्रो. नेहा सिंह मौजूद थे.

डॉ. राजेंद्र जगदाले ने कहा, अच्छी प्लानिंग की कमी की वजह से दिल्ली सबसे ज्यादा प्रदूषि तशहर बन गया है. आज कोई भी शहर कचरे का सही तरीके से डिस्पोजल नहीं करता है. साथ ही देश के हर ग्रामीण इलाके की सही प्लानिंग करने की जिम्मेदारी पढे लिखे युवाओं के कंधों पर हैं. मनुष्य के सस्टेनेबल डेवलमेंट के लिए हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन ढूंढना स्टूडेंटस की जिम्मेदारी है. इसके लिए स्टार्टअप शुरू करने चाहिए. जिसके लिए मिनिस्ट्री के पास करोडों रुपये की फंडिंग है. यह मिनिस्ट्री नए आइडिया के लिए मदद करती है. इसके लिए फेलोशिप भी दी जाती है.

डॉ.अशोक मोरे ने कहा, युवाओं का भविष्य बहुत अच्छा है. इसके लिए उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जानकारी के साथ साथ लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की जानकारी भी लेनी चाहिए देश काह युवा दिमाग अपनी मेहनत से ही दुनिया में सफल हो रहा है. पढे लिखे स्टूडेंटस को कल्पना के दम पर स्टार्टअप शुरू करने चाहिए. उन्हें हर समस्या का हल ढूंढने के लिए लगातार कोशिश भी करनी चाहिए.

 

नीरज कुमार ने कहा, आज के समय में टेक्नोलॉजी की पागल दौड शुरू हो गई है. ऐसे समय में जितना जरुरी हो उतना ज्ञान लेना चाहिए. इसके लिए शरीर, मन और मतिष्क का सही बैलेंस बनाए रखा चाहिए. पढाई अच्छी है, लेकिन जिंदगी में आने वाली सभी चुनौतियों का सामना खुद ही करना पडता है, और इसके लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए. जब आप बदलेंगे तो दुनिया बदलेगी. छात्रों को लगातार अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए. आप एक आसान आइडिया से अपनी दुनिया बदल सकते हैं.

डॉ. नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा, अगर आप तरक्की करना चाहते हैं, तो छात्रों के लिए अपने टाइम को सही तरीके से प्लान करना, अच्छी अंग्रेजी सीखना, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग लेना, कंप्यूटर में कोडिंग लैग्वेज सीखना, डेली होमवर्क करना और हॉबी बनाए रखना बहुत जरूरी है. आज के समय में स्किल्स की जरुरत है और स्टार्टअप शुरू करने चाहिए, जिसके लिए सरकार ने बडी मात्रा में फंड दिया है.

फिर डॉ. अशोक सपकाल ने सबसे पहले इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस इमर्जिंग ट्रेंडस एंड टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी दी. इस कॉन्फ्रेंस के जरिए २०३० के लिए सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर काम करने पर चर्चा होगी साथ ही डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषय पर भी बात होगी.

इंटरनेशनल रिसर्चर वैलिडा उनरूएन ने ऑनलाइन बातचीत की.

इस मौके पर इंडियन जर्नल डिजिटल बुक का प्रकाशन किया गया.

प्रो.नेहा सिंह ने सूत्रसंचालन किया. प्रो. सिताराम लोंगाणी ने आभार माना

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