नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए राजस्व विभाग प्रतिबद्ध – चंद्रशेखर बावनकुळे
राजस्व सेवाओं को गतिमान, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने पर जोर
रिपोर्ट ;विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे के कृषि महाविद्यालय मैदान, सिंचननगर में मराठा उद्योजक संघटना की ओर से आयोजित ‘एम.ई.ए. इंटरनेशनल बिजनेस एक्सपो–2026’ का उद्घाटन महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे के हस्ते किया गया। इस अवसर पर आयोजित खुली बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिकों को तेज, पारदर्शी और जनहितकारी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना राजस्व विभाग की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोळ, सांसद श्रीरंग बारणे, पूर्व सांसद रवींद्र गायकवाड, पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और उद्यमी उपस्थित थे।
राजस्व मंत्री श्री बावनकुळे ने कहा कि राज्य में नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी राजस्व विभाग पर है, इसलिए इसे प्रशासन की रीढ़ माना जाता है। वर्ष 2012-13 से विभाग में लगभग 13 हजार प्रकरण लंबित थे। अधिकारों का पुनर्वर्गीकरण कर मामलों को राज्यमंत्री एवं प्रधान सचिव स्तर पर वितरित किया गया है। वर्तमान में मंत्री स्तर पर लंबित 6 हजार प्रकरणों में से लगभग 2 हजार की सुनवाई कर निर्णय दिए जा चुके हैं तथा 1,200 आदेश पारित किए गए हैं। शेष सभी लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने की योजना बनाई गई है। आगे से तीन माह के भीतर मामलों के निस्तारण के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सेवा गारंटी कानून के अंतर्गत 55 सेवाओं का वर्गीकरण किया गया है। मंत्रालय के अधिकार जिला कलेक्टरों को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है, जिससे नागरिकों को घर बैठे राजस्व सेवाएं उपलब्ध हो सकें। राज्य भूमि राजस्व कानून में संशोधन कर किसानों को गैर-कृषि (एनए) उपयोग एवं सनद हेतु कलेक्टर की अनुमति की अनिवार्यता समाप्त की गई है। तुकड़ेबंदी कानून निरस्त होने से लगभग 60 लाख परिवारों को सातबारा प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। कार्य में अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
पंजीयन के लिए 60 अत्याधुनिक कार्यालय स्थापित होंगे
‘एक जिला-एक पंजीयन’ की तर्ज पर ‘एक राज्य-एक पंजीयन’ व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों को वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड एवं क्षेत्रवार रेडी रेकनर दर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इसके लिए 60 अत्याधुनिक पंजीयन कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।
एम-सैंड को बढ़ावा
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के प्रतिबंधों के कारण प्राकृतिक रेत की उपलब्धता प्रभावित होने पर एम-सैंड नीति लागू की गई है। एम-सैंड पर 200 रुपये तथा प्राकृतिक रेत पर 600 रुपये रॉयल्टी निर्धारित की गई है। सभी अधिकार जिला कलेक्टरों को सौंपे गए हैं और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री के उपयोग पर जोर दिया गया है।
किसान पगडंडी से राजमार्ग तक
मुख्यमंत्री किसान पाणंद सड़क योजना के माध्यम से किसानों को खेत तक पक्की सड़क उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। साथ ही सौरवाहिनी योजना के माध्यम से 45 लाख किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। सरकार किसानों की आय वृद्धि और आत्महत्या रोकथाम के लिए बुनियादी सुविधाओं पर कार्य कर रही है।
ई-मापन से भूमि विवादों में 60% कमी
ड्रोन और रोवर तकनीक से आधुनिक ई-मापन प्रणाली लागू होने से भूमि विवादों में लगभग 60 प्रतिशत कमी आई है। शीघ्र ही डेढ़ माह के भीतर प्रॉपर्टी कार्ड उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान
श्री बावनकुळे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दावोस में हुए निवेश समझौतों से लगभग 15 लाख रोजगार सृजन की संभावना है। मराठा उद्योजक संघटना द्वारा आयोजित यह एक्सपो समाज के उद्यमियों के लिए सशक्त मंच सिद्ध होगा।
केंद्रीय मंत्री श्री मोहोळ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों से देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप स्थापित हुए हैं। भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा है। महाराष्ट्र में सर्वाधिक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आ रहा है और पुणे शिक्षा, ऑटोमोबाइल व आईटी क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
कार्यक्रम में अभिनेता अवधूत गुप्ते ने ‘खुपते तिथे गुप्ते’ कार्यक्रम के माध्यम से मंत्री श्री बावनकुळे का साक्षात्कार लिया। मराठा उद्योजक संघटना के पदाधिकारियों ने एक्सपो की रूपरेखा और ‘एम-कनेक्ट’ पहल की जानकारी दी।


