
शिरूर तालुका में पीसीपीएनडीटी कानून के तहत कार्रवाई; मोबाइल ऐप से भ्रूण लिंग जांच का मामला उजागर
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे : गर्भधारणापूर्व एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 (PCPNDT Act) के अंतर्गत पुणे जिले के शिरूर तालुका स्थित ढोकसांगवी (पाचंगेवस्ती) के लाइफ केयर अस्पताल में अवैध भ्रूण लिंग जांच किए जाने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग एवं अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई की।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि बीएएमएस शिक्षित डॉ. आकाश मालगुंडे के अस्पताल में पीसीपीएनडीटी कानून का उल्लंघन किया गया है। वाघोली पुलिस स्टेशन की महिला पुलिस कॉन्स्टेबल प्रतीक्षा पानसरे ने मरीज के साथ जाकर ट्रैप कार्रवाई की। जांच में यह भी उजागर हुआ कि केसनंद (ता. हवेली, जि. पुणे) निवासी दलाल नरेंद्र ठाकरे के माध्यम से मोबाइल ऐप का उपयोग कर विभिन्न गर्भवती महिलाओं की लिंग जांच की जा रही थी।
छापे के दौरान अस्पताल परिसर से गर्भपात में उपयोग की जाने वाली दवाओं का भंडार भी बरामद किया गया, जिसे जब्त कर लिया गया है। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवा, पुणे मंडल के उपसंचालक डॉ. भगवान पवार के मार्गदर्शन में तथा अपराध शाखा पथक क्रमांक 7 के सहायक पुलिस आयुक्त राजेंद्र मुळीक एवं वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संतोष सोनवणे के नेतृत्व में की गई। संयुक्त जांच के दौरान जिला शल्य चिकित्सक डॉ. नागनाथ यमपल्ले और ग्रामीण अस्पताल शिरूर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन धस उपस्थित थे।
जिला शल्य चिकित्सक डॉ. नागनाथ यमपल्ले ने कहा कि भ्रूण लिंग जांच करना और करवाना कानूनन दंडनीय अपराध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसे किसी भी अवैध कृत्य की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग या पुलिस प्रशासन को दें।



