पात्र किसानों को दो लाख तक कर्जमाफी, पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना घोषित
“विकसित महाराष्ट्र 2047” के लक्ष्य पर आधारित 2026-27 का बजट
— मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
रिपोर्ट:विशाल समाचार
स्थान ::मुंबई महाराष्ट्र
मुंबई,। महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए ₹7,69,467 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है, जो “विकसित महाराष्ट्र 2047” के दीर्घकालीन लक्ष्य पर आधारित है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने बताया कि पात्र किसानों को दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी देने के लिए “पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना” शुरू की गई है। इसके साथ ही नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को ₹50 हजार का प्रोत्साहन अनुदान देने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने आज विधानसभा में दोपहर 2 बजे वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले, वित्त राज्यमंत्री एडवोकेट आशिष जयस्वाल तथा वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ.पी. गुप्ता ने विधानभवन के पत्रकार कक्ष में मीडिया से बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर विकास की रिपोर्टें तैयार होती हैं, लेकिन उनका बजट से सीधा संबंध नहीं होता। इस बार बजट को प्रगतिशील, टिकाऊ, समावेशी और सुशासन जैसे चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित करते हुए चार प्रमुख क्षेत्रों और 16 उपक्षेत्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
कृषि और किसानों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। 10 से 15 फसलों के लिए एकीकृत मूल्य श्रृंखला विकसित करने और उत्पादन लागत में 25 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में ‘एग्रीस्टैक’ और ‘महाविस्तार’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग लगभग 30 लाख किसान कर रहे हैं, जिसे आगे सभी किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
ऊर्जा, सिंचाई और आधारभूत सुविधाएं
मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना के तहत अब तक 4000 मेगावाट क्षमता विकसित की जा चुकी है। इसे बढ़ाकर 13 से 14 हजार मेगावाट तक ले जाने की योजना है, जिससे किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। सिंचाई क्षेत्र में नदी जोड़ परियोजनाओं के साथ ही सांगली और कोल्हापुर के बाढ़ के पानी को सूखाग्रस्त क्षेत्रों की ओर मोड़ने की योजना बनाई गई है। विश्व बैंक के सहयोग से छोटे शहरों में ₹6000 करोड़ की लागत से मलजल और अपशिष्ट जल प्रबंधन योजनाएं लागू की जाएंगी।
महिलाओं के लिए योजनाएं जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि “मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण” योजना जारी रहेगी और इसके लिए आवश्यक बजट का प्रावधान किया गया है। अब तक 37 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और इस वर्ष 25 लाख और महिलाओं को इस अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
युवाओं के लिए अवसर
राज्य में विकसित हो रहे एज्यु-सिटी प्रोजेक्ट में अब तक पांच अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय आ चुके हैं और सात अन्य विश्वविद्यालय आने वाले हैं। इससे लगभग एक लाख विद्यार्थियों को शिक्षा के अवसर मिलेंगे और विदेशों की तुलना में लगभग एक चौथाई खर्च में उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकेगी। स्टार्टअप्स के लिए ‘फंड ऑफ फंड्स’ की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से चयनित स्टार्टअप्स को 25 लाख रुपये तक के सरकारी कार्य सीधे दिए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य में 75 हजार नई नौकरियां सृजित करने का निर्णय लिया गया है।
सामाजिक न्याय और आदिवासी विकास
अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए बजट में अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं तथा विद्यार्थियों के निर्वाह भत्ते में वृद्धि की गई है। आदिवासी युवाओं के स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए ‘बिरसा योजना’ शुरू की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण
राज्य में वन क्षेत्र को 33 प्रतिशत तक बढ़ाने के उद्देश्य से अगले सात वर्षों में 300 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की वित्तीय घाटा दर 2.60 प्रतिशत है, जो राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं वित्तीय प्रबंधन कानून के तहत निर्धारित 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर है। राजस्व घाटा 1 प्रतिशत से कम है और राज्य का कर्ज जीडीपी के 18.5 प्रतिशत पर नियंत्रित रखा गया है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की विकास दर 7.9 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 7.3 प्रतिशत से अधिक है। राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग 566 अरब डॉलर (करीब 51 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच चुकी है।
ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान विकास दर को बनाए रखने पर महाराष्ट्र देश की पहली ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। बजट में पूंजीगत व्यय में 21 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे ₹1.12 लाख करोड़ तक पहुंचाया गया है।
दूरदर्शी बजट – उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट “विकसित महाराष्ट्र 2047” के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य में 8 से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के आधारभूत ढांचा प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं।
समावेशी विकास की दिशा – उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि यह बजट राज्य के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसमें कृषि, पर्यटन, उद्योग और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों के विकास को नई गति देगा।

