
सीतामढ़ी में CO-RO की हड़ताल के बीच प्रशासन सख्त, जनता के काम प्रभावित नहीं होने देने के निर्देश
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: सीतामढ़ी बिहार
सीतामढ़ी:जिले में अंचल अधिकारियों (CO) एवं राजस्व अधिकारियों (RO) के सामूहिक अवकाश/हड़ताल को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता को राहत देने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि राजस्व से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
जारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान समय में वित्तीय वर्ष 2025-26 का अंतिम चरण चल रहा है, जो राजस्व संग्रहण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण अवधि है। इस दौरान भूमि राजस्व एवं अन्य देयों की वसूली, भूमि संबंधी मामलों का निष्पादन, RTPS के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का त्वरित निपटारा, जन शिकायतों का समाधान तथा अन्य जनसेवा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संपादित करना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण इन कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
हड़ताल में शामिल नहीं अधिकारियों को मिलेगा प्रभार
प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि जो अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी हड़ताल पर हैं, उनके अंचलों का प्रभार ऐसे अधिकारियों को सौंपा जाएगा जो सामूहिक अवकाश में शामिल नहीं हैं।
प्रभार सौंपने के लिए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल पर जाने वाले सभी अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी जाने से पहले अपना संपूर्ण प्रभार फॉर्म-202 में सौंपेंगे। इसके तहत लैपटॉप, वाहन (चाभी सहित) और सरकारी मोबाइल (सिम सहित) संबंधित अधिकारी को सौंपकर विधिवत पावती लेना अनिवार्य होगा। निर्देश का पालन नहीं करने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वाहनों के भुगतान पर भी नियंत्रण
जिन अंचलों में अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, वहां उनके द्वारा उपयोग किए जा रहे भाड़े के विभागीय वाहनों के मासिक किराए का भुगतान जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद ही किया जाएगा।
नोडल पदाधिकारी करेंगे निगरानी
सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारियों को अपने-अपने अंचलों की नियमित निगरानी और पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राजस्व और जनसेवा से जुड़े कार्य प्रभावित न हों।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि हड़ताल समाप्त होने के बाद भी संबंधित अधिकारी जिला पदाधिकारी की अनुमति के बिना दोबारा प्रभार ग्रहण नहीं कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आम जनता के कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी और राजस्व से जुड़े सभी कार्य नियमित रूप से जारी रहेंगे।


